अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने बुधवार को कहा कि ईरान अब वॉशिंगटन के साथ बातचीत करना चाहता है ताकि पश्चिम एशिया के संकट को पूरी तरह खत्म किया जा सके। उन्होंने साफ किया कि अमेरिका यह देखेगा कि क्या ईरान के साथ होने वाला कोई भी समझौता उनकी उम्मीदों पर खरा उतरता है या नहीं। फिलहाल दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है और अमेरिका को अगले 48 घंटों में ईरान से जवाब मिलने की उम्मीद है।

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अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौते की मुख्य शर्तें क्या हैं?

दोनों देशों के बीच एक पेज का समझौता ज्ञापन (MoU) तैयार किया गया है जिसमें 14 मुख्य बिंदु शामिल हैं। इस डील के तहत ईरान को कम से कम 12 साल तक यूरेनियम संवर्धन (uranium enrichment) रोकना होगा, हालांकि अमेरिका इसकी मांग 20 साल तक कर रहा है। ईरान को अपने पास मौजूद अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम के स्टॉक को देश से बाहर भेजना होगा और यह वादा करना होगा कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।

इसके बदले में अमेरिका ईरान पर लगे कुछ प्रतिबंधों को हटाएगा और ईरान के अरबों डॉलर के जमी हुए फंड को रिलीज करेगा। साथ ही, दोनों देश Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही पर लगी पाबंदियों को भी हटाएंगे। इस समझौते के बाद 30 दिनों की बातचीत का समय होगा जिसमें परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

मध्यस्थता और मौजूदा तनाव की क्या स्थिति है?

इस पूरी बातचीत में पाकिस्तान एक बिचौलिये के रूप में काम कर रहा है और ईरान के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि पाकिस्तानी माध्यम से आए अमेरिकी प्रस्ताव की समीक्षा की जा रही है। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा है कि तेहरान केवल एक निष्पक्ष और व्यापक समझौते को ही स्वीकार करेगा।

तनाव की बात करें तो अमेरिका ने ‘Project Freedom’ नाम के ऑपरेशन को फिलहाल रोक दिया है ताकि बातचीत को मौका मिले, लेकिन ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी अभी भी जारी है। CENTCOM के मुताबिक अब तक 52 कमर्शियल जहाजों को वापस मोड़ा गया है। चीन ने भी इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों से बातचीत करने और शत्रुता खत्म करने की अपील की है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा विवाद कब शुरू हुआ था?

यह विवाद 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल द्वारा किए गए संयुक्त हवाई हमलों के साथ शुरू हुआ था, जिसके बाद 7 अप्रैल 2026 को दो हफ्ते का अस्थायी युद्धविराम हुआ था।

परमाणु हथियारों को लेकर अमेरिका की क्या शर्त है?

राष्ट्रपति Trump ने स्पष्ट किया है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता और इस पर ईरान की सहमति मिली है। डील के तहत ईरान को UN की कड़ी निगरानी और अचानक होने वाली जांच (snap inspections) के लिए तैयार रहना होगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.