अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ट्रंप ने ईरान की तरफ से भेजे गए शांति प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत के जरिए मामला सुलझ सकता है। इस बीच दुनिया की नजरें अब चीन पर हैं, जहां ट्रंप जल्द ही एक बड़ी मीटिंग करने वाले हैं।

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ईरान के शांति प्रस्ताव में क्या था और ट्रंप ने इसे क्यों ठुकराया?

ईरान ने 10 मई 2026 को अमेरिका को एक शांति प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव में ईरान ने कई बड़ी मांगें रखी थीं, जिनमें शामिल थे:

  • अमेरिका द्वारा युद्ध के नुकसान की भरपाई करना।
  • Strait of Hormuz पर ईरान का पूरा अधिकार होना।
  • ईरान पर लगे सभी प्रतिबंधों को हटाना।
  • विदेशों में जब्त की गई ईरान की संपत्ति वापस करना।

राष्ट्रपति Donald Trump ने इस प्रस्ताव को ‘कचरा’ और ‘पूरी तरह अस्वीकार्य’ बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस प्रस्ताव को पूरा पढ़ा तक नहीं। वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने कहा कि उनके प्रस्ताव में उनके जायज हक की बात की गई थी और अमेरिका की मांगें नाजायज हैं।

अमेरिका की मांगें और आने वाले दिनों में क्या हो सकता है?

अमेरिका का कहना है कि वह तभी प्रतिबंध हटाएगा और जमा पैसे वापस करेगा जब ईरान अपने यूरेनियम बनाने के प्रोग्राम को पूरी तरह बंद करने का वादा करेगा। मौजूदा स्थिति पर कुछ अहम बातें ये हैं:

  • ट्रंप ने पहले कहा था कि युद्धविराम की स्थिति बहुत खराब है और यह ‘लाइफ सपोर्ट’ पर है।
  • रिपब्लिकन सीनेटर Lindsey Graham ने ट्रंप को सलाह दी है कि वे ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर विचार करें।
  • ट्रंप ‘Project Freedom’ को फिर से शुरू करने की सोच रहे हैं, जिसके तहत समुद्र में जहाजों की सुरक्षा के लिए बड़े ऑपरेशन चलाए जा सकते हैं।

इस पूरे विवाद में चीन और अन्य देशों की क्या भूमिका है?

इस मामले को सुलझाने के लिए कतर और चीन की भूमिका अहम मानी जा रही है। हालिया अपडेट्स के मुताबिक:

  • अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio और स्टीव विटकॉफ ने 9 मई को कतर के प्रधानमंत्री Mohammed bin Abdulrahman al-Thani से मुलाकात की थी।
  • डोनाल्ड ट्रंप 13 से 15 मई 2026 तक चीन की यात्रा करेंगे। वे वहां राष्ट्रपति Xi Jinping से मिलेंगे और उनसे ईरान पर दबाव बनाने को कहेंगे, क्योंकि चीन ईरान के तेल का सबसे बड़ा खरीदार है।
  • इस बीच इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच भी लड़ाई जारी है, जिससे पूरे क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू हो सकता है?

सीनेटर Lindsey Graham ने सैन्य कार्रवाई की सलाह दी है और ईरान के प्रोफेसर Mostafa Khoshcheshm का मानना है कि अमेरिका युद्ध की तैयारी के लिए समय ले रहा है, हालांकि ट्रंप ने अभी भी बातचीत की गुंजाइश जताई है।

डोनाल्ड ट्रंप चीन की यात्रा क्यों कर रहे हैं?

ट्रंप 13 से 15 मई तक बीजिंग जाएंगे ताकि वे राष्ट्रपति शी जिनपिंग से ईरान पर दबाव बनाने का अनुरोध कर सकें, क्योंकि ईरान के तेल व्यापार में चीन का बड़ा हाथ है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com