अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अमेरिका ईरान के संवर्धित यूरेनियम (enriched uranium) को अपने कब्जे में लेगा। इस बयान के बाद दुनिया भर की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि ईरान इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या वाकई में परमाणु सामग्री का ट्रांसफर होगा।
Trump की योजना और अमेरिका का सख्त रुख
- Donald Trump ने ईरान के यूरेनियम को ‘न्यूक्लियर डस्ट’ कहा और दावा किया कि वह इसे वापस लेंगे।
- व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने 8 अप्रैल 2026 को बताया कि ईरान ने यूरेनियम सौंपने के संकेत दिए हैं।
- हालांकि, Trump ने 21 अप्रैल को माना कि इस यूरेनियम को निकालना एक लंबी और कठिन प्रक्रिया होगी।
- अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर यूरेनियम को निशाना बनाने के लिए सैन्य हमले किए जा सकते हैं और ईरान की नाकाबंदी भी हो सकती है।
ईरान का जवाब और यूरेनियम का ताजा आंकड़ा
ईरान की सरकार ने किसी भी तरह के समझौते या यूरेनियम बाहर भेजने की बात से साफ इनकार किया है। ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण कार्यों के लिए है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के आंकड़े कुछ और ही कहानी कहते हैं।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| यूरेनियम की मात्रा | 440 किलोग्राम |
| शुद्धता स्तर | 60% (हथियारों के करीब) |
| स्टोरेज लोकेशन | इसफहान का सुरंग परिसर (लगभग आधा हिस्सा) |
दुनिया के अन्य देशों का क्या है स्टैंड
- Israel: प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि यूरेनियम या तो समझौते से हटेगा या फिर ताकत के जोर पर।
- Russia: रूस ने ईरान के यूरेनियम को सुरक्षित रखने के लिए अपनी जगह देने की पेशकश की है।
- Pakistan: पाकिस्तान फिलहाल वाशिंगटन और तेहरान के बीच युद्धविराम और बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है।
- ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 30 अप्रैल तक किसी समझौते की संभावना बहुत कम है, जिसका अनुमान केवल 3.1% लगाया गया है।