अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के बीच एक बड़ा समझौता होने की उम्मीद है. Trump इस डील को पक्का करने के लिए G7 देशों की मदद लेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ईरान समझौते की शर्तों को माने. इस डील के बाद दुनिया के लिए अहम Hormuz जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की तैयारी है.
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यूरोप में होगा समझौते पर हस्ताक्षर
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच पिछले तीन महीनों से चल रही जंग को खत्म करने के लिए बातचीत अंतिम दौर में है. उम्मीद है कि अगले हफ्ते यूरोप में इस समझौते पर साइन होंगे. इस मौके पर अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance भी मौजूद रहेंगे. Donald Trump ने इस समझौते को एक शानदार समाधान बताया है.
Trump की शर्तें और G7 देशों से मांग
Trump आने वाली G7 मीटिंग में दुनिया के बड़े नेताओं से मदद मांगेंगे ताकि ईरान अपनी प्रतिबद्धताओं से पीछे न हटे. इस समझौते में कुछ मुख्य शर्तें शामिल हैं:
- हथियारों और फंडिंग पर रोक: ईरान पर लगे प्रतिबंध तभी हटाए जाएंगे जब वह परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण रखेगा और Hezbollah जैसे समूहों को पैसा देना बंद करेगा.
- निगरानी बढ़ाना: Trump चाहते हैं कि G7 देश Hormuz जलडमरूमध्य की निगरानी और कड़ी करें.
- हमलों को रोकना: बातचीत आगे बढ़ते ही Trump ने ईरान पर होने वाले उन हमलों को रद्द कर दिया जो गुरुवार को होने वाले थे.
ईरान का रुख और अन्य देशों की प्रतिक्रिया
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Ismail Bagaei ने कहा है कि अभी तक समझौते पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. उन्होंने साफ किया कि ईरान अपनी लाल रेखाओं से समझौता नहीं करेगा और अमेरिका पर बार-बार अपनी बात बदलने का आरोप लगाया है.
इस बीच, अन्य देशों की भूमिका भी अहम रही है:
- फ्रांस: फ्रांस ने इस समिट के लिए अपनी तारीखें तक बदल दी हैं ताकि Donald Trump इसमें शामिल हो सकें.
- इसराइल: इसराइल लगातार अमेरिका पर दबाव बना रहा है कि वह ईरान की जमी हुई संपत्ति को न छोड़े.
- पाकिस्तान: इस पूरी बातचीत में पाकिस्तान एक मध्यस्थ के तौर पर मदद कर रहा है.