अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 28 जुलाई 2026 को ईरान को एक बार फिर कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में साफ कहा कि अगर ईरान के साथ कोई डील नहीं होती है, तो वे ईरान के पावर प्लांट और पुलों जैसे अहम बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकते हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि वे सैन्य कार्रवाई नहीं चाहते लेकिन बातचीत न होने की स्थिति में यह विकल्प खुला है।
तनाव का कारण और वर्तमान स्थिति
दोनों देशों के बीच तनाव 7 जुलाई 2026 को तब बढ़ गया जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों पर हमला किया। इसके जवाब में अमेरिका ने 14 जुलाई 2026 को ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी फिर से लागू कर दी है। ताजा जानकारी के अनुसार, 27 जुलाई 2026 तक अमेरिकी बलों ने नाकाबंदी के तहत 17 जहाजों को दूसरी दिशा में मोड़ा, 2 को रोक लिया और 2 जहाजों की जांच की है।
22 जुलाई 2026 को राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की थी कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी जहाज पर गोली चलाता है, तो अमेरिका उसके पुल या पावर प्लांट को नष्ट कर देगा। अभी फिलहाल 27 जुलाई 2026 से दोनों देशों के बीच हमलों में दो हफ्ते का विराम है ताकि ओमान के जरिए शांति वार्ता को आगे बढ़ाया जा सके। ईरान और अमेरिका के बीच सीधी बातचीत नहीं हो रही है, सारा संवाद बिचौलियों के माध्यम से चल रहा है।
