अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमलों से इनकार किया है। उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने कोई नया सैन्य अभियान शुरू करने का आदेश नहीं दिया है। हालांकि, उन्होंने ईरान के बंदरगाहों की लंबी नाकाबंदी करने का निर्देश दिया है ताकि ईरान की अर्थव्यवस्था और तेल निर्यात पर दबाव बनाया जा सके।

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Trump ने ईरान के लिए क्या रणनीति बनाई है?

Donald Trump ने अपने सहयोगियों को ईरान की extended blockade यानी लंबी नाकाबंदी की तैयारी करने को कहा है। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य ईरान के बंदरगाहों से होने वाले शिपिंग को रोकना है। ट्रंप का मानना है कि बमबारी करने या संघर्ष से पूरी तरह हटने के मुकाबले नाकाबंदी करना कम जोखिम वाला रास्ता है। ट्रंप ने अपने Truth Social प्लेटफॉर्म पर यह भी लिखा कि ईरान को जल्द ही समझदार बनना होगा।

व्हाइट हाउस और ईरान की आधिकारिक प्रतिक्रिया क्या है?

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Anna Kelly ने बयान दिया कि अमेरिका ने अपने सैन्य लक्ष्य हासिल कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि बंदरगाहों की सफल नाकाबंदी से वाशिंगटन को ईरान की सरकार पर दबाव बनाने में मदद मिलेगी, ताकि उसे परमाणु हथियार बनाने से रोका जा सके। दूसरी तरफ, 28 अप्रैल को ईरान की सेना के प्रवक्ता ने कहा कि वे इस युद्ध को खत्म नहीं मानते हैं और उनके पास अभी भी कई ऐसे कार्ड हैं जिनका इस्तेमाल नहीं किया गया है।

अमेरिका की खुफिया एजेंसियां अब क्या कर रही हैं?

अमेरिकी खुफिया एजेंसियां इस बात का अध्ययन कर रही हैं कि अगर राष्ट्रपति ट्रंप इस दो महीने पुराने संघर्ष में अपनी एकतरफा जीत का ऐलान करते हैं, तो ईरान की क्या प्रतिक्रिया होगी। हालांकि सैन्य हमले का विकल्प अभी भी खुला है, लेकिन फिलहाल ट्रंप नाकाबंदी की रणनीति को ज्यादा महत्व दे रहे हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर फिर से हमला करने का आदेश दिया है?

नहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि उन्होंने सैन्य अभियान दोबारा शुरू करने का कोई आदेश नहीं दिया है। उन्होंने हमलों के बजाय आर्थिक दबाव के लिए बंदरगाहों की नाकाबंदी का रास्ता चुना है।

ईरान ने अमेरिका के इस कदम पर क्या कहा है?

ईरानी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि वे युद्ध को समाप्त नहीं मानते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के पास अभी भी कई विकल्प मौजूद हैं जिनका उपयोग आने वाले समय में किया जा सकता है।