अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान के संसदीय स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबफ ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समुद्री नाकाबंदी और आंतरिक कलह के जरिए ईरान को सरेंडर कराना चाहते हैं। इस बीच, अमेरिका ने साफ कर दिया है कि जब तक परमाणु समझौते पर बात नहीं बनती, यह नाकाबंदी जारी रहेगी।

ट्रंप की रणनीति और अमेरिका का रुख क्या है?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने Axios को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान पर समुद्री नाकाबंदी तब तक चलेगी जब तक तेहरान परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका की शर्तों को नहीं मानता। यह नाकाबंदी 13 अप्रैल 2026 को शुरू हुई थी। US Defense Secretary Pete Hegseth के मुताबिक, वाशिंगटन का मकसद ईरान पर इतना दबाव बनाना है कि वह बातचीत की मेज पर आकर अपनी शर्तें छोड़ दे। वहीं, US Treasury Secretary Scott Bessent ने कहा कि इस दबाव की वजह से ईरान में महंगाई बढ़ी है और तेल का स्टॉक भी कम हो गया है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Karoline Leavitt ने कहा कि ट्रंप की ‘रेड लाइन्स’ अभी भी लागू हैं और प्रशासन का स्टैंड नहीं बदला है।

ईरान ने अमेरिका को क्या चेतावनी दी है?

ईरान के स्पीकर Ghalibaf ने एक ऑडियो मैसेज में कहा कि अमेरिका ईरान को कमजोर करने के लिए उसे ‘कट्टरपंथियों और नरमपंथियों’ में बांटने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने देश में एकता बनाए रखने की अपील की। गालिबफ ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने नाकाबंदी नहीं हटाई, तो ईरान Strait of Hormuz को बंद कर सकता है, जिससे जहाजों को आने-जाने के लिए ईरान की इजाजत लेनी होगी। एक वरिष्ठ सुरक्षा स्रोत ने भी चेतावनी दी है कि अमेरिकी नाकाबंदी का जल्द ही एक बड़ा और कड़ा जवाब दिया जाएगा। हालांकि, ईरान के तेल मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि नाकाबंदी के बावजूद देश में ईंधन की सप्लाई पर कोई असर नहीं पड़ा है।

क्या युद्ध टल सकता है? पाकिस्तान की भूमिका और आंतरिक हालात

फिलहाल पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहा है। ईरान ने एक नया प्रस्ताव भेजा है जिसमें नाकाबंदी खत्म करने, सैन्य ऑपरेशन रोकने और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की बात कही गई है, हालांकि परमाणु मुद्दे को बाद के लिए टालने का सुझाव दिया गया है। अमेरिका इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है लेकिन वह इसे लेकर संदेहास्पद है। दूसरी तरफ, खबरें हैं कि ईरान के नेतृत्व में आंतरिक मतभेद बढ़ रहे हैं। नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei की चोट के बाद सत्ता की लड़ाई और तेज हो गई है, जिससे किसी भी समझौते पर पहुंचना मुश्किल हो रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिकी नाकाबंदी कब शुरू हुई थी?

अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 को ईरान के बंदरगाहों की समुद्री नाकाबंदी शुरू की थी, जब दोनों देशों के बीच युद्धविराम की बातचीत टूट गई थी।

ईरान ने किस रास्ते को बंद करने की धमकी दी है?

ईरान ने Strait of Hormuz को बंद करने की चेतावनी दी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय जहाजों के आवागमन के लिए ईरान की अनुमति और निर्धारित रास्तों का पालन करना जरूरी होगा।