अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान पर लगाई गई समुद्री नाकाबंदी को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया है. उनका मानना है कि यह तरीका बमबारी से कहीं ज्यादा असरदार है और इससे ईरान पर दबाव बढ़ रहा है. ट्रंप ने साफ किया है कि जब तक ईरान परमाणु समझौते पर अमेरिकी शर्तों को नहीं मानता, यह नाकाबंदी जारी रहेगी.

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ट्रंप ने नाकाबंदी को क्यों बताया सबसे कारगर हथियार?

Axios की रिपोर्ट के मुताबिक Trump का कहना है कि नाकाबंदी की वजह से ईरान की हालत बहुत खराब हो गई है. उन्होंने कहा कि ईरान के तेल स्टोरेज और पाइपलाइन अब फटने की कगार पर हैं क्योंकि वे तेल बाहर नहीं भेज पा रहे हैं. White House की डिप्टी प्रेस सचिव Anna Kelly ने भी पुष्टि की है कि इस नाकाबंदी की वजह से अमेरिका के पास ईरान सरकार पर पूरा कंट्रोल है और ट्रंप केवल वही समझौता करेंगे जिससे अमेरिका की सुरक्षा सुनिश्चित हो.

CENTCOM के नए सैन्य प्लान और ईरान की चेतावनी क्या है?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के खिलाफ नए सैन्य विकल्पों की तैयारी की है. इसमें ईरान के ठिकानों पर छोटे लेकिन शक्तिशाली हमले करना और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के कुछ हिस्सों पर कब्ज़ा करना शामिल है. राष्ट्रपति ट्रंप को जल्द ही एडमिरल ब्रैड कूपर इन विकल्पों पर ब्रीफिंग देंगे. दूसरी तरफ, ईरान के सुरक्षा अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी नाकाबंदी का जवाब जल्द ही कड़े एक्शन से दिया जाएगा. ईरान के संयुक्त राष्ट्र राजदूत Amir Saeid Iravani ने कहा कि क्षेत्र में शांति के लिए उन्हें अमेरिका और इसराइल के हमलों से सुरक्षा की गारंटी चाहिए.

ईरान की आर्थिक हालत और अन्य देशों का क्या कहना है?

  • आर्थिक नुकसान: अमेरिकी नाकाबंदी की वजह से ईरान को हर दिन लगभग 250 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है.
  • महंगाई: ईरान के कुछ सेक्टरों में महंगाई 72 प्रतिशत से ऊपर निकल गई है.
  • सऊदी अरब: सऊदी अरब ने अमेरिका से अपील की है कि वह इस नाकाबंदी को हटा ले ताकि शिपिंग रूट्स पर असर न पड़े.
  • रूस और चीन: चीन अभी भी ईरान से कच्चा तेल खरीद रहा है और रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने परमाणु संवर्धन में मदद की पेशकश की है.

ईरान की संसद अब ऐसा कानून बना रही है जिससे हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य का कंट्रोल उनकी सेना के पास होगा, जिसके तहत इसराइल के जहाजों का प्रवेश बंद होगा और ट्रांजिट फीस ईरान की मुद्रा ‘रियाल’ में देनी होगी.

Frequently Asked Questions (FAQs)

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के लिए क्या शर्त रखी है?

ट्रंप ने कहा है कि समुद्री नाकाबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक ईरान परमाणु समझौते पर अमेरिका की सभी मांगों को स्वीकार नहीं कर लेता.

अमेरिकी नाकाबंदी से ईरान को कितना आर्थिक नुकसान हो रहा है?

रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान को रोजाना लगभग 250 मिलियन डॉलर का तेल राजस्व का नुकसान हो रहा है और महंगाई 72 प्रतिशत से ज्यादा हो गई है.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com