अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ समुद्री नाकाबंदी का ऐलान कर दिया है। यह बड़ा फैसला पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता के विफल होने के बाद लिया गया है। ट्रंप ने इस कार्रवाई की तुलना वेनेजुएला में किए गए ऑपरेशन से की है।

इस्लामाबाद वार्ता क्यों हुई फेल और क्या है ट्रंप का प्लान?

पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच 21 घंटे तक बातचीत चली, लेकिन कोई समझौता नहीं हो पाया। अमेरिका की मांग थी कि ईरान यूरेनियम का संवर्धन बंद करे और अपने परमाणु केंद्रों को पूरी तरह खत्म करे। जब बात नहीं बनी, तो ट्रंप ने Strait of Hormuz में नाकाबंदी का आदेश दे दिया। उन्होंने निर्देश दिया है कि जो भी जहाज ईरान को टोल देगा, उसे रोका जाएगा क्योंकि इसे वे जबरन वसूली मान रहे हैं।

वेनेजुएला से तुलना और ईरान का क्या है जवाब?

राष्ट्रपति ट्रंप ने Fox News पर कहा कि ईरान की यह नाकाबंदी वेनेजुएला वाले ऑपरेशन जैसी ही होगी, लेकिन इसका स्तर और ज्यादा ऊपर होगा। बता दें कि इससे पहले अमेरिका ने वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई कर राष्ट्रपति निकोलस मदुरो को पकड़ा था। दूसरी तरफ, ईरान की Revolutionary Guard (IRGC) ने सख्त चेतावनी दी है कि Strait of Hormuz के पास आने वाले सैन्य जहाजों को ceasefire का उल्लंघन माना जाएगा और उनसे सख्ती से निपटा जाएगा।

क्षेत्रीय शांति और दुनिया पर इसका क्या असर होगा?

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की और कहा कि वे स्थायी क्षेत्रीय शांति के लिए तैयार हैं, बशर्ते ईरान के राष्ट्रीय हितों का सम्मान किया जाए। ईरान ने परमाणु हथियारों की चाहत से इनकार किया है और इसे शांतिपूर्ण ऊर्जा का अधिकार बताया है। चूंकि Strait of Hormuz दुनिया के तेल व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण रास्ता है, इसलिए यहाँ नाकाबंदी से वैश्विक अर्थव्यवस्था और खाड़ी देशों के व्यापार पर बड़ा असर पड़ेगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.