अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वे बातचीत करना चाहते हैं तो बस एक फोन कर दें। इस बीच ट्रंप ने अपने खास दूतों की पाकिस्तान यात्रा को अचानक रद्द कर दिया है, जिससे दुनिया भर की नजरें अब इन दोनों देशों पर टिकी हैं।

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Trump ने पाकिस्तान दौरा क्यों रद्द किया और ईरान से क्या कहा?

राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने दूत Steve Witkoff और Jared Kushner के पाकिस्तान जाने के प्रोग्राम को कैंसिल कर दिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया और रिपोर्टर्स को बताया कि यात्रा में बहुत समय बर्बाद होता है और ईरान की लीडरशिप के अंदर बहुत ज्यादा लड़ाई और भ्रम है। ट्रंप ने दावा किया कि इस मामले में अमेरिका के पास सारे पत्ते हैं जबकि ईरान के पास कुछ भी नहीं है। उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा कि अगर ईरान बात करना चाहता है तो बस फोन कर सकता है।

ईरान का क्या जवाब है और अभी क्या स्थिति है?

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने साफ़ कर दिया है कि जब तक अमेरिका उनके बंदरगाहों की नाकाबंदी खत्म नहीं करता, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी। ईरान चाहता है कि बातचीत शुरू करने के लिए पहले परिचालन बाधाओं को हटाया जाए। हालांकि, ट्रंप ने यह भी बताया कि दौरा रद्द करने के दस मिनट के भीतर ही उन्हें ईरान से एक नया प्रस्ताव मिला। ट्रंप ने इस प्रस्ताव को पहले से बेहतर बताया लेकिन कहा कि इसमें अभी भी काफी कमी है।

पाकिस्तान की भूमिका और युद्ध का मौजूदा हाल

  • पाकिस्तान की मध्यस्थता: प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और फील्ड मार्शल Asim Munir की सरकार अमेरिका और ईरान के बीच बीच-बचाव कर रही है।
  • युद्ध की अवधि: ईरान के साथ चल रहा यह युद्ध अब दो महीने के करीब पहुँच गया है।
  • समुद्री तनाव: Strait of Hormuz इस संघर्ष का मुख्य केंद्र बना हुआ है और अमेरिकी नौसेना ने वहां से माइन्स हटाने का काम शुरू कर दिया है।
  • ईरानी विदेश मंत्रालय: विदेश मंत्री Abbas Araghchi पाकिस्तान में अहम बैठकों के लिए मौजूद थे, लेकिन प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने पहले कहा था कि अमेरिका के साथ कोई सीधी मुलाकात तय नहीं थी।