अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चर्चा में है। राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान से बातचीत करने की इच्छा जताई है, जिस पर अब ईरान विचार कर रहा है। यह खबर ऐसे समय में आई है जब अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी कर रखी है और दोनों देशों के बीच खींचतान चल रही है।

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ट्रंप ने बातचीत का प्रस्ताव क्यों दिया और क्या है ताजा स्थिति?

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araqhchi ने रूस में राष्ट्रपति Vladimir Putin से मुलाकात के दौरान बताया कि ईरान, अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के बातचीत के अनुरोध की समीक्षा कर रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने यह अनुरोध इसलिए किया क्योंकि उसे अपने लक्ष्यों को हासिल करने में सफलता नहीं मिली।

  • 25 अप्रैल 2026 को ट्रंप ने Steve Witkoff और Jared Kushner की पाकिस्तान यात्रा रद्द कर दी थी।
  • ट्रंप ने यात्रा रद्द करने की वजह बहुत समय बर्बाद होना और ईरान के नेतृत्व में आंतरिक कलह को बताया।
  • ट्रंप ने दावा किया कि सभी पत्ते अमेरिका के पास हैं और अगर ईरान बात करना चाहता है, तो उसे बस फोन करना होगा।

ईरान ने अमेरिका के सामने क्या शर्तें और प्रस्ताव रखे हैं?

ईरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए अमेरिका को एक नया प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव में कहा गया है कि अगर अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी हटा लेता है, तो ईरान Strait of Hormuz को फिर से खोलने और संघर्ष खत्म करने के लिए तैयार है। परमाणु बातचीत को बाद के चरण में रखने की बात कही गई है।

ईरान ने बातचीत के लिए तीन चरणों का ढांचा पेश किया है:

  • पहला चरण: अमेरिका और इजराइल द्वारा किए जा रहे सैन्य हमलों को रोकना।
  • दूसरा चरण: Strait of Hormuz के मुद्दे को सुलझाना।
  • तीसरा चरण: परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर चर्चा करना।

अमेरिका का रुख क्या है और मौजूदा हालात कैसे हैं?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति Trump इस प्रस्ताव को मौजूदा रूप में स्वीकार करने के इच्छुक नहीं हैं। वह चाहते हैं कि किसी भी डील में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म किया जाए। ट्रंप ने साफ किया है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता और जब तक पूरा समझौता नहीं हो जाता, तब तक घेराबंदी जारी रहेगी।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने 26 अप्रैल को कहा कि Strait of Hormuz में अमेरिकी नौसेना की घेराबंदी ईरान की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने में बहुत प्रभावी है। वहीं, युद्ध सचिव Pete Hegseth ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने नौसेना को उन सभी ईरानी नावों को नष्ट करने का अधिकार दिया है जो रास्ते में बाधा डालने की कोशिश करेंगी।