Donald Trump ने एक बड़ा फैसला लेते हुए ईरान पर होने वाले सैन्य हमले को रोक दिया है. यह हमला 19 मई 2026 को होने वाला था लेकिन सऊदी अरब, कतर और UAE के नेताओं के कहने पर ट्रंप ने इसे टाल दिया. अब दोनों देशों के बीच गंभीर बातचीत चल रही है जिससे युद्ध टल सकता है.

ईरान पर हमला क्यों रोका गया और अब क्या होगा

ट्रंप ने Truth Social पर बताया कि सऊदी अरब, कतर और UAE के नेताओं ने उनसे अनुरोध किया था कि हमले को रोका जाए. इन देशों का मानना है कि अब बातचीत सही दिशा में जा रही है और एक ऐसा समझौता होगा जो अमेरिका और पूरे मिडिल ईस्ट के लिए ठीक होगा. ट्रंप ने यह साफ कर दिया है कि भविष्य में होने वाली किसी भी डील में ईरान के पास कोई परमाणु हथियार नहीं होंगे. उन्होंने Secretary of War Pete Hegseth और General Daniel Caine को आदेश दिया है कि अगर कोई सही समझौता नहीं हुआ, तो किसी भी समय बड़े पैमाने पर हमला करने के लिए तैयार रहें.

ईरान की शर्तें और बातचीत की मौजूदा स्थिति

  • ईरान ने शांति समझौते के लिए कुछ नई शर्तें रखी हैं, जिसमें मुख्य रूप से जंग को खत्म करना शामिल है.
  • ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने कहा कि पाकिस्तान की मदद से अमेरिका के साथ बातचीत लगातार चल रही है.
  • ईरान अपनी जमी हुई संपत्ति वापस चाहता है और अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाना चाहता है.
  • अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान का नया प्रस्ताव काफी कम है और अभी बातचीत में ज़्यादा तरक्की नहीं हुई है.
  • Tasnim News Agency के मुताबिक अमेरिका ने बातचीत के दौरान ईरानी तेल निर्यात पर प्रतिबंध हटाने की बात मानी है, हालांकि अमेरिका ने इसकी पुष्टि नहीं की है.

हॉर्मुज जलडमरूमध्य और अन्य क्षेत्रीय अपडेट

ईरान अब ओमान के साथ बातचीत कर रहा है ताकि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों का रास्ता सुरक्षित रहे. इसके लिए ईरान ने एक नया ‘Persian Gulf Strait Authority’ बनाया है जो शिपिंग कंपनियों के साथ तालमेल बिठाएगा और वहां से गुजरने वाले जहाजों से फीस वसूलेगा. दूसरी तरफ, व्हाइट हाउस की डिप्टी प्रेस सचिव Anna Kelly ने कहा है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका का नजरिया नहीं बदला है और ट्रंप अभी भी उसी पर ध्यान दे रहे हैं.

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ईरान पर हमला पूरी तरह खत्म हो गया है

नहीं, ट्रंप ने हमले को सिर्फ फिलहाल के लिए टाला है. उन्होंने सैन्य अधिकारियों को निर्देश दिया है कि यदि कोई स्वीकार्य समझौता नहीं होता है, तो तुरंत बड़े स्तर पर हमला किया जाए.

इस बातचीत में किन देशों की मुख्य भूमिका है

इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. साथ ही सऊदी अरब, कतर और UAE ने हमले को रोकने और बातचीत शुरू करवाने में अहम भूमिका निभाई है.