अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी अब खत्म होने की राह पर दिख रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जानकारी दी है कि ईरान के साथ बातचीत बहुत अच्छे तरीके से आगे बढ़ रही है। इस समझौते के तहत ईरान और ओमान के बीच के समुद्री रास्ते यानी स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को फिर से खोलने की योजना बनाई जा रही है, जिससे दुनिया भर में तेल की सप्लाई सामान्य हो सकेगी। दोनों देशों के बीच इस डील को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं, जिससे वैश्विक बाजारों पर अच्छा असर देखने को मिला है।

क्या है अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले इस समझौते का पूरा प्लान?

इस प्रस्तावित समझौते के तहत दोनों पक्षों के बीच कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी है, जो इस क्षेत्र में शांति स्थापित करने में मदद कर सकते हैं:

  • संघर्ष की समाप्ति: इस समझौते का सबसे बड़ा लक्ष्य चल रहे सैन्य तनाव और संघर्ष को पूरी तरह से रोकना है।
  • स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का खुलना: ईरान इस रास्ते को 30 दिनों के भीतर व्यापारिक जहाजों के लिए फिर से खोलने पर सहमत हुआ है।
  • प्रतिबंधों में राहत: इसके बदले में अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी को हटाएगा और ईरान को प्रतिबंधों में राहत दी जाएगी।
  • यूरेनियम का निपटारा: ईरान ने अपने संवर्धित यूरेनियम को हटाने पर सैद्धांतिक सहमति दे दी है, जिसके तौर-तरीकों पर आगे चर्चा की जाएगी।

डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी अधिकारियों ने बातचीत पर क्या कहा?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि वह बातचीत को लेकर जल्दबाजी में नहीं हैं क्योंकि समय उनके पक्ष में है। उन्होंने कहा कि यह समझौता पिछली न्यूक्लियर डील के बिल्कुल विपरीत होगा और इससे ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से पूरी तरह से रोका जाएगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर समझौता सफल रहता है तो ईरान के लिए अब्राहम एकॉर्ड्स जैसे वैश्विक गठबंधन में शामिल होना एक सम्मान की बात होगी। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट रखा कि जब तक समझौता पूरी तरह से हस्ताक्षरित नहीं हो जाता, अमेरिकी नाकेबंदी जारी रहेगी।

दूसरी ओर, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कई मुद्दों पर सहमति बनने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि समझौते के लागू होने के बाद परमाणु से जुड़े मुख्य मुद्दों पर 60 दिनों की अवधि के भीतर विस्तार से चर्चा की जाएगी। उन्होंने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन को लेकर कहा कि यह ओमान और ईरान के बीच का मामला है, जिसमें ट्रांजिट फीस जैसे विकल्पों पर बात हो सकती है।

इस समझौते से दुनिया भर में क्या असर होने वाला है?

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ने की खबर से ही वैश्विक शेयर बाजारों में तेजी देखी गई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। सऊदी अरब सहित अन्य खाड़ी देश भी इस बातचीत को सफल बनाने के लिए लगातार कूटनीतिक प्रयास कर रहे हैं। वहीं, ब्रिटेन ने इस समुद्री रास्ते को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगों को हटाने के लिए अपने जहाजों को तैनात करने की तैयारी शुरू कर दी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या इस समझौते के बाद हॉर्मुज जलडमरूमध्य तुरंत खुल जाएगा?

समझौते के नियमों के तहत ईरान को डील फाइनल होने के 30 दिनों के भीतर इस समुद्री रास्ते को खोलना होगा, जिसके बदले में अमेरिकी नौसेना अपनी नाकेबंदी हटा लेगी।

क्या ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम बंद करने के लिए सहमत हो गया है?

ईरान सैद्धांतिक रूप से अपने संवर्धित यूरेनियम को हटाने के लिए तैयार हो गया है, लेकिन परमाणु कार्यक्रम से जुड़े अन्य जटिल मुद्दों पर बातचीत के लिए 60 दिनों का समय तय किया गया है।