अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बहुत बड़ी खबर दी है. उन्होंने बताया कि ईरान अब परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और इस बात पर दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है. इस खबर के बाद ईरान पर होने वाले हवाई हमलों को तुरंत रोक दिया गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव कम होने की उम्मीद है.
Trump ने समझौते के बारे में क्या कहा
Donald Trump ने बताया कि यह एक बेहतरीन डील है जिसे अमेरिका और उसके मध्य पूर्व के सहयोगियों ने मंजूर किया है. उन्होंने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व ने इस समझौते की बातों को स्वीकार कर लिया है. इस डील पर हस्ताक्षर करने के लिए 13 या 14 जून को यूरोप में एक समारोह हो सकता है, जिसमें उपराष्ट्रपति JD Vance भी शामिल होंगे.
ईरान ने दावों को नकारा
दूसरी तरफ ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने इस बात से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है और ईरान अपनी शर्तों से समझौता नहीं करेगा. ईरान की Fars News Agency ने भी साफ किया कि किसी भी लिखित समझौते या MOU पर अभी मुहर नहीं लगी है और ऐसी खबरें सिर्फ अटकलें हैं.
आम लोगों और व्यापार पर क्या होगा असर
इस समझौते का सबसे मुख्य मकसद यह है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार न बना पाए. इसके साथ ही Strait of Hormuz को फिर से खोलने की बात कही गई है. यह जलमार्ग व्यापार के लिए बहुत जरूरी है, जिसके खुलने से सामान की आवाजाही आसान होगी. अगले हफ्ते एक शुरुआती समझौता (MOU) साइन हो सकता है, जिसके बाद 60 दिनों तक बारीकी से बातचीत चलेगी.
इन देशों की भूमिका और शर्तें
Trump ने बताया कि इस डील में अमेरिका के साथ कई सहयोगी देश शामिल हैं:
- Saudi Arabia, UAE, Qatar, Bahrain, Kuwait, Jordan और Egypt
- Israel, Turkey और Pakistan
साथ ही, परमाणु साइटों की जांच और परमाणु सामग्री को हटाने के काम में IAEA संस्था की मदद ली जाएगी. अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने बताया कि ईरान के जो फंड अमेरिका ने फ्रीज किए हुए हैं, उनका इस्तेमाल सहयोगियों के नुकसान की भरपाई के लिए किया जाएगा. वहीं, सीनेटर Lindsey Graham ने कहा कि इस समझौते को अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी लेनी होगी.
