अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ एक नए समझौते की जानकारी दी है। ट्रंप का कहना है कि यह डील ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए एक दीवार की तरह काम करेगी। इस समझौते पर कल हस्ताक्षर होने वाले हैं, जिसके बाद दुनिया के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोल दिया जाएगा।
परमाणु हथियारों पर लगाम
ट्रंप ने बताया कि बराक ओबामा की पुरानी परमाणु डील (JCPOA) ईरान के लिए परमाणु हथियार हासिल करने का एक आसान रास्ता थी। उनके मुताबिक, ओबामा की डील की वजह से ईरान छह साल पहले ही परमाणु हथियार पा लेता और शायद उसका इस्तेमाल भी कर चुका होता। लेकिन ट्रंप की नई डील बिल्कुल अलग है और यह ईरान को किसी भी तरह से परमाणु हथियार बनाने या खरीदने से रोकेगी। अब ईरान परमाणु हथियार नहीं चाहता और न ही वह इसे हासिल करेगा।
पैसे का लेन-देन नहीं होगा
इस नए समझौते में एक बड़ी बात यह है कि इसमें कोई पैसा नहीं दिया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि ओबामा सरकार ने ईरान को अरबों डॉलर दिए थे, जिसमें 1.7 अरब डॉलर नकद शामिल थे, लेकिन उनकी इस डील में ऐसा कुछ नहीं है। ट्रंप का मानना है कि ईरान के साथ उनके संबंध पिछले सभी प्रशासनों की तुलना में बहुत बेहतर और अलग हैं।
बी-2 बॉम्बर्स और भविष्य की योजना
ट्रंप ने यह भी कहा कि जब हालात पूरी तरह शांत हो जाएंगे, तब वे बी-2 बॉम्बर्स (B-2 bombers) और उनके पायलटों की मदद से पहाड़ों के नीचे दबे परमाणु पदार्थों को बाहर निकालेंगे और उन्हें नष्ट करेंगे। यह काम ईरान या अमेरिका में किया जा सकता है।
ट्रंप ने उम्मीद जताई कि मिडिल ईस्ट और ईरान के साथ भविष्य में लंबे समय तक काम होगा और यह प्रक्रिया आसानी से पूरी होगी। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर बात नहीं बनी, तो उनके पास एक आखिरी विकल्प भी मौजूद है जिसे वे इस्तेमाल नहीं करना चाहते।