अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के पास मौजूद उच्च स्तर के यूरेनियम को हासिल करने की योजना बनाई है। ट्रंप इसे “nuclear dust” कह रहे हैं और इसे अपने नियंत्रण में लेना चाहते हैं। यह मामला तब सामने आया जब Al Jazeera के पत्रकार John Holman ने इस पर रिपोर्ट दी।
ईरान की ‘परमाणु धूल’ क्या है और अमेरिका इसे क्यों चाहता है?
राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के 60% एनरिच्ड यूरेनियम (enriched uranium) को “nuclear dust” का नाम दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के पास लगभग 440 किलो ऐसा यूरेनियम है। अमेरिका चाहता है कि वह इस मटेरियल पर कब्ज़ा कर ले ताकि ईरान का परमाणु कार्यक्रम खत्म किया जा सके। परमाणु विशेषज्ञों ने भी इस लक्ष्य का समर्थन किया है। ट्रंप ने 16 अप्रैल को दावा किया था कि ईरान इसे सौंपने के लिए तैयार है, लेकिन ईरान ने इस बात की पुष्टि नहीं की।
ईरान का क्या जवाब है और मौजूदा स्थिति क्या है?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqei ने अमेरिका की इस मांग को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि ईरान का एनरिच्ड यूरेनियम किसी भी परिस्थिति में कहीं नहीं भेजा जाएगा। इस बीच युद्ध और शांति को लेकर कुछ अहम घटनाक्रम हुए हैं:
- 8 अप्रैल 2026: पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का सीजफायर हुआ था।
- 13 अप्रैल 2026: बातचीत विफल होने के बाद अमेरिका ने ईरान की समुद्री नाकेबंदी (naval blockade) शुरू की।
- 22 अप्रैल 2026: राष्ट्रपति ट्रंप ने सीजफायर को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया।