अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान अब अपने परमाणु केंद्रों की सबसे कड़ी जांच करवाने के लिए तैयार है। Trump के मुताबिक, इस समझौते के बाद ही अमेरिका ने Strait of Hormuz पर लगी पाबंदियों में ढील दी है। लेकिन दूसरी तरफ ईरान ने इन बातों को पूरी तरह गलत बताया है और किसी भी नए अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण को मानने से इनकार कर दिया है।

अमेरिका का क्या है कहना

राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि ईरान परमाणु ईमानदारी सुनिश्चित करने के लिए मेजर वेपन्स इंस्पेक्शन (Major Weapons Inspections) के लिए पूरी तरह सहमत हो गया है। उन्होंने साफ कहा कि अगर ईरान इस बात पर राजी नहीं होता, तो आगे कोई बातचीत नहीं होगी। इसी समझौते को अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों और जहाजों की घेराबंदी खत्म करने से जोड़ा है।

वहीं स्विट्जरलैंड में बातचीत का नेतृत्व कर रहे अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम ईरान के परमाणु हथियारों के प्रोग्राम को हमेशा के लिए खत्म करने की दिशा में पहला कदम है और जल्द ही यूएन (UN) के निरीक्षक वहां वापस लौट सकते हैं।

ईरान ने दावों को नकारा

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने अमेरिका के इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने साफ किया कि ईरान ने जांच के मामले में कोई नया वादा नहीं किया है। Baghaei ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के साथ ईरान का रिश्ता पुराने समझौतों और संसद के नियमों के हिसाब से ही चलता रहेगा।

ईरान के मीडिया और मुख्य वार्ताकार ने भी कहा कि स्विट्जरलैंड की बातचीत में IAEA निरीक्षकों या प्रतिबंधों को हटाने के बदले जांच कराने जैसी कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि Strait of Hormuz पर ईरान का नियंत्रण बना रहेगा और यह पहले जैसा कभी नहीं होगा। साथ ही, जिन संवेदनशील ठिकानों को पिछले साल हमले में नुकसान पहुँचा था, वहां किसी भी नई जांच की कोई योजना नहीं है।

स्विट्जरलैंड में हुई हाई-लेवल मीटिंग

यह पूरा विवाद स्विट्जरलैंड के लेक लूसर्न (Lake Lucerne) में हुई बातचीत के बाद शुरू हुआ। इस मीटिंग में अमेरिका, ईरान, पाकिस्तान और कतर के प्रतिनिधि शामिल थे। इससे पहले 17 जून 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता हुआ था, जिसके तहत परमाणु कार्यक्रम पर बात करने के लिए 60 दिनों का समय तय किया गया था।

खबरों के मुताबिक, राष्ट्रपति Trump की एक पोस्ट के बाद ईरानी टीम मीटिंग छोड़कर बाहर चली गई थी। इसके बाद मध्यस्थों के जरिए बातचीत पूरी हुई। साथ ही Trump ने यह भी ऐलान किया कि अमेरिकी खजाने से जो पैसा जारी होगा, उसे अमेरिका के नियंत्रण में रखा जाएगा और ईरान उसका इस्तेमाल सिर्फ अमेरिका से दवाइयां और खाने का सामान खरीदने के लिए कर सकेगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.