अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका को ईरान के मामले में बड़ी सफलता मिल रही है और ईरान अब परमाणु हथियार बनाने की स्थिति में नहीं है। ट्रंप के इस बयान के बीच अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने भी दोनों देशों के बीच एक बड़े समझौते की उम्मीद जताई है, जिससे क्षेत्र में शांति की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 5 जून 2026 को कहा कि ईरान के साथ चल रही स्थिति का नतीजा बहुत सकारात्मक होने वाला है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका बिना किसी समझौते के भी ईरान के संवर्धित यूरेनियम (enriched uranium) को वहां से निकाल सकता है। ट्रंप के अनुसार, इस समय सामग्री पूरी तरह सुरक्षित और निगरानी में है, इसलिए इसे तुरंत हटाने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि केवल अमेरिका और चीन के पास ही ईरान के तबाह हो चुके परमाणु ठिकानों से यूरेनियम निकालने की क्षमता है।
IAEA और ईरान की तरफ से क्या प्रतिक्रिया आई?
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक फ्रेमवर्क समझौते पर बातचीत काफी करीब पहुंच चुकी है। हालांकि, एजेंसी ने यह चिंता भी जताई कि वह जून 2025 से ईरान के संवर्धित यूरेनियम के स्टॉक को ट्रैक नहीं कर पा रही है। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा है कि फिलहाल परमाणु मुद्दे के विवरण पर कोई ठोस बातचीत नहीं हुई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्छी ने साफ किया कि युद्ध तभी खत्म होगा जब लेबनान में भी शांति स्थापित होगी और इजराइली सेना पीछे हटेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता होने वाला है?
IAEA प्रमुख राफेल ग्रॉसी के अनुसार, दोनों देशों के बीच एक फ्रेमवर्क समझौते को लेकर बातचीत चल रही है। हालांकि, ईरान ने कहा है कि अभी परमाणु मुद्दे के बारीक नियमों पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
ईरान के पास कितना संवर्धित यूरेनियम होने का अनुमान है?
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट में लगभग 440 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम का स्टॉक है, जो 60 प्रतिशत तक शुद्ध है। हालांकि, इसकी सटीक निगरानी में कुछ मुश्किलें आ रही हैं।
