Donald Trump ने ईरान को लेकर बहुत सख्त रुख अपनाया है और साफ कहा है कि वह किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे। ईरान की तरफ से आए एक शांति प्रस्ताव के बाद अमेरिका ने फिलहाल हमले की योजना को रोक दिया है। हालांकि, ट्रंप ने सेना को पूरी तरह तैयार रहने का आदेश दिया है ताकि जरूरत पड़ने पर बड़ा हमला किया जा सके।

अमेरिका और ईरान के बीच डील के लिए क्या शर्तें हैं?

अमेरिका ने ईरान के सामने पांच बड़ी शर्तें रखी हैं जिन्हें पूरा करना जरूरी है। इनमें मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • ईरान की केवल एक परमाणु सुविधा ही चालू रह सकती है।
  • ईरान को 400 किलोग्राम यूरेनियम अमेरिका को सौंपना होगा।
  • समझौता होने तक ईरान की जमी हुई संपत्ति वापस नहीं मिलेगी।
  • युद्ध को रोकने के लिए बातचीत का नतीजा सकारात्मक होना चाहिए।

दूसरी तरफ ईरान ने अपनी शर्तें रखी हैं जिसमें युद्ध खत्म करना, पाबंदियां हटाना और अपनी संपत्ति वापस पाना शामिल है। साथ ही ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपनी संप्रभुता की मांग की है।

खाड़ी देशों और अन्य देशों की इस मामले में क्या भूमिका है?

सऊदी अरब, कतर और UAE के नेताओं ने Donald Trump से अनुरोध किया कि वह हमले में जल्दबाजी न करें ताकि बातचीत से समाधान निकल सके। पाकिस्तान इस समय दोनों देशों के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है। वहीं चीन ने भी अमेरिका के साथ मिलकर यह स्टैंड लिया है कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए। इसराइल ने पहले ही ईरान के परमाणु केंद्रों पर हमले की धमकी दी हुई है। ट्रंप ने कहा है कि वह यूरेनियम संवर्धन को 20 साल तक रोकने के प्रस्ताव पर विचार कर सकते हैं बशर्ते ईरान इसकी सच्ची गारंटी दे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Trump ने परमाणु कार्यक्रम पर क्या नया प्रस्ताव दिया है?

Donald Trump ने संकेत दिया है कि अगर ईरान एक असली गारंटी देता है, तो वह यूरेनियम संवर्धन को 20 साल तक रोकने के प्रस्ताव को स्वीकार कर सकते हैं।

अगर ईरान और अमेरिका के बीच समझौता नहीं हुआ तो क्या होगा?

ट्रंप ने अमेरिकी सेना को निर्देश दिया है कि वह ईरान पर एक बड़े और पूर्ण पैमाने के हमले के लिए पूरी तरह तैयार रहे।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.