अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान पर लगी पाबंदियों को और सख्त करने की तैयारी कर ली है। उन्होंने देश की बड़ी तेल कंपनियों के साथ मीटिंग की ताकि ईरान की घेराबंदी के बीच आम लोगों को तेल की किल्लत न हो। इस पूरे मामले पर व्हाइट हाउस ने भी अपनी बात रखी है और ईरान को चेतावनी दी है कि जब तक कोई ठोस समझौता नहीं होता, दबाव बना रहेगा।

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Trump और तेल कंपनियों की मीटिंग में क्या हुआ

मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 को राष्ट्रपति Trump ने Chevron, Trafigura, Vitol और Mercuria जैसी बड़ी एनर्जी कंपनियों के अधिकारियों से मुलाकात की। इस मीटिंग का मुख्य मकसद यह था कि अगर ईरान की बंदरगाहों की घेराबंदी कई महीनों तक चलती है, तो वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों को कैसे कंट्रोल किया जाए ताकि अमेरिकी ग्राहकों पर असर न पड़े। इस मीटिंग में ट्रेजरी सचिव Scott Bessent, चीफ ऑफ स्टाफ Susie Wiles, उपराष्ट्रपति JD Vance और Jared Kushner भी मौजूद थे। चर्चा के दौरान तेल उत्पादन, शिपिंग और नेचुरल गैस जैसे मुद्दों पर बात हुई।

ईरान की शर्तें खारिज और $150 तेल की चेतावनी

Donald Trump ने ईरान के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है जिसमें Strait of Hormuz को फिर से खोलने की बात कही गई थी। Trump का कहना है कि वह परमाणु कार्यक्रम पर कोई ठोस डील होने तक नौसैनिक घेराबंदी नहीं हटाएंगे। उन्होंने Truth Social पर लिखा कि ईरान को जल्द ही समझदार बनना चाहिए। दूसरी तरफ, ईरान के उपराष्ट्रपति Esmail Saghab Esfahani ने चेतावनी दी है कि अगर सैन्य कार्रवाई हुई तो तेल की कीमतें 150 डॉलर तक पहुँच सकती हैं। ईरान ने यह भी कहा है कि अगर उन्हें खतरा महसूस हुआ, तो वे समुद्र में जहाजों की आवाजाही को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई करेंगे।

UAE का OPEC छोड़ना और इसका असर

इसी बीच United Arab Emirates (UAE) ने मई 2026 से OPEC और OPEC+ समूह से अलग होने का ऐलान किया है। राष्ट्रपति Trump ने UAE के इस फैसले की तारीफ की है। उनका मानना है कि इससे एनर्जी की कीमतें कम होने में मदद मिलेगी और अमेरिकी उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत मिलेगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Trump ने ईरान के प्रस्ताव को क्यों ठुकराया?

Trump का मानना है कि Strait of Hormuz को खोलने से ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर होने वाली जरूरी बातचीत टल सकती है। उन्होंने साफ किया कि जब तक परमाणु कार्यक्रम पर डील नहीं होती, घेराबंदी जारी रहेगी।

ईरान ने तेल की कीमतों को लेकर क्या कहा है?

ईरान के उपराष्ट्रपति ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने अपनी घेराबंदी जारी रखी और सैन्य कार्रवाई हुई, तो वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें बढ़कर 150 डॉलर तक जा सकती हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.