अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान के साथ शांति समझौता इस वीकेंड तक फाइनल हो सकता है. ट्रंप के अनुसार, इस समझौते के दस्तावेजों पर साइन यूरोप में किए जा सकते हैं. उन्होंने बताया कि अगले कुछ दिनों में सारी कागजी कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी.
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समझौते में क्या होगा खास
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस डील को लेकर कुछ अहम बातें बताई हैं:
- इस समझौते का सबसे बड़ा मकसद यह है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा.
- जैसे ही इस डील पर साइन होंगे, दुनिया के व्यापार के लिए जरूरी Strait of Hormuz को दोबारा खोल दिया जाएगा.
- ट्रंप खुद इस कार्यक्रम में नहीं जा पाएंगे, इसलिए अमेरिका की तरफ से Vice President JD Vance साइन करने जाएंगे.
- ट्रंप का कहना है कि सऊदी अरब, UAE और तुर्की जैसे मिडिल ईस्ट के देशों ने इस डील के पॉइंट्स को मंजूरी दे दी है.
ईरान और इसराइल की अलग राय
एक तरफ जहां ट्रंप इसे फाइनल बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ से कुछ अलग खबरें आ रही हैं:
- ईरान की Fars News Agency ने कहा है कि अभी तक किसी भी शुरुआती समझौते (MOU) के टेक्स्ट को मंजूरी नहीं मिली है.
- कुछ डिप्लोमैटिक सूत्रों का कहना है कि अगले हफ्ते एक ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ साइन हो सकता है, जिसके बाद 60 दिनों तक बातचीत चलेगी.
- इसराइल की सरकार ने साफ किया है कि वे इस समझौते का हिस्सा नहीं हैं और उन्हें ट्रंप के इस ऐलान के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी.
अन्य देशों का रुख
इस तनावपूर्ण स्थिति पर दुनिया के अन्य देशों ने भी अपनी बात रखी है:
- रूस के Kremlin ने अमेरिका और ईरान दोनों से शांति की अपील की है और संयम बरतने को कहा है.
- अमेरिका के Senator Lindsey Graham ने कहा है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े किसी भी समझौते को अमेरिकी कांग्रेस के पास रिव्यू और मंजूरी के लिए भेजा जाएगा.
- इस पूरे मामले में कतर और पाकिस्तान मध्यस्थता की कोशिशें जारी रखे हुए हैं.
