अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान के साथ एक शांति समझौता अब बहुत करीब है। उन्होंने लेबनान के दक्षिणी इलाकों में हुए इजरायली हमलों पर अपनी नाराजगी जताई और कहा कि इस समय ऐसे हमले नहीं होने चाहिए थे। ट्रंप का कहना है कि वे नहीं चाहते कि इन तनावपूर्ण स्थितियों की वजह से शांति की कोशिशें नाकाम हो जाएं।
ℹ️: Iran-US Talks: ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका से बातचीत का किया समर्थन, बोले पूरा सिस्टम एक साथ है।
समझौते में क्या है खास
इस प्रस्तावित समझौते के तहत कई अहम बातों पर चर्चा हो रही है। इसमें लेबनान के लिए 60 दिनों के युद्धविराम को आगे बढ़ाने और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की बात कही गई है।
- अमेरिका ईरान पर लगे तेल प्रतिबंध हटा सकता है।
- ईरान की 25 बिलियन डॉलर की जमी हुई संपत्ति वापस की जा सकती है।
- ईरान वादा करेगा कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और अपनी परमाणु सुविधाओं का विस्तार नहीं करेगा।
- ईरान के यूरेनियम भंडार को संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में कम किया जाएगा।
इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu को चेतावनी दी है कि वे इस मामले को खराब न करें और जवाबी कार्रवाई न करें। ट्रंप ने Beirut में हुए हमलों को छोटा और बेमतलब बताया और कहा कि इससे महत्वपूर्ण शांति प्रक्रिया में बाधा नहीं आनी चाहिए। खबरों के अनुसार, नेतन्याहू को इन बातचीत के बारे में पूरी जानकारी नहीं थी और वे काफी परेशान थे।
ईरान की शर्त और प्रतिक्रिया
ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालिबफ ने इजरायल के नए हमलों की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि अमेरिका या तो अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की इच्छा नहीं रखता या उसके पास इतनी क्षमता नहीं है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि लेबनान में युद्धविराम होना उनके लिए सबसे जरूरी शर्त है।
अन्य देशों और अधिकारियों का नजरिया
अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा है कि समझौता होने के अच्छे संकेत हैं, लेकिन अगर ईरान जहाजों से टैक्स वसूलने की जिद करता है, तो यह संभव नहीं होगा। वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भविष्यवाणी की है कि यह शांति समझौता जल्द ही साइन हो सकता है।