अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित शांति समझौते पर आखिरी फैसला लेने के लिए व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक से पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर अपनी शर्तें साझा की थीं। हालांकि, ईरान के अधिकारियों और सरकारी मीडिया ने इस तरह के किसी भी समझौते को सिरे से खारिज कर दिया है। व्हाइट हाउस की यह बैठक लगभग दो घंटे तक चली, लेकिन इसके बाद किसी फैसले की तुरंत घोषणा नहीं की गई है।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सामने रखीं ये कड़ी शर्तें
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर साफ किया कि इस समझौते के लिए ईरान को कभी भी परमाणु हथियार न बनाने की गारंटी देनी होगी। इसके अलावा, हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बिना किसी टैक्स के जहाजों के लिए तुरंत खोलना होगा और वहां मौजूद पानी की बारूदी सुरंगों को नष्ट करना होगा। ट्रंप ने चेतावनी भी दी कि अगर ईरान ने उनकी शर्तें नहीं मानीं तो सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने स्पष्ट किया कि ईरान को प्रतिबंधों से राहत तभी दी जाएगी जब वह इन सभी शर्तों को पूरा करेगा।
ईरान ने दावों को नकारा, मुख्य वार्ताकार का सख्त बयान
ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबाफ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान को केवल बातों या वादों पर कोई भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले दूसरी तरफ से कदम उठाया जाना चाहिए और ईरान बातचीत से नहीं बल्कि मिसाइलों के दम पर अपनी बात मनवाता है। दूसरी तरफ, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने संकेत दिया था कि समझौता काफी करीब था, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप की अंतिम मंजूरी मिलना अभी बाकी था।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा का खतरा बढ़ा
इस पूरे घटनाक्रम के बीच यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (UKMTO) ने एक चेतावनी जारी की है। इसमें कहा गया है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा का खतरा अभी भी बहुत गंभीर बना हुआ है और वहां नौसेना की मौजूदगी बढ़ाने की सलाह दी गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि उनकी सेना ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखे हुए है और 13 अप्रैल से अब तक 115 व्यापारिक जहाजों का रास्ता बदला जा चुका है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
डोनाल्ड ट्रंप की शांति समझौते के लिए मुख्य शर्तें क्या हैं?
ट्रंप ने शर्त रखी है कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा, हॉर्मुज जलडमरूमध्य को टैक्स-फ्री करेगा और अमेरिकी नौसेना को ईरान के संवर्धित यूरेनियम को नष्ट करने की अनुमति देगा।
ईरान के मुख्य वार्ताकार ने समझौते को लेकर क्या प्रतिक्रिया दी?
ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बगेर गालिबाफ ने कहा कि उन्हें अमेरिका के वादों पर भरोसा नहीं है और वे बातचीत के बजाय मिसाइलों के दम पर रियायतें लेते हैं।