अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump अब ईरान की एक नई शांति योजना पर विचार कर रहे हैं. यह खबर तब सामने आई जब व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने पुष्टि की कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ इस प्रस्ताव पर चर्चा की है. इस पूरे मामले में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है ताकि युद्ध को रोका जा सके.

ईरान ने क्या प्रस्ताव दिया है और अमेरिका की क्या शर्त है?

ईरान ने एक नया प्रस्ताव रखा है जिसमें कहा गया है कि अगर अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी खत्म करता है, तो ईरान Strait of Hormuz को फिर से खोल देगा. यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए भेजा गया है और इसमें परमाणु बातचीत को आगे के लिए टालने की बात कही गई है. हालांकि, ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम पर कोई समझौता नहीं किया है, जो राष्ट्रपति ट्रंप के लिए एक बड़ा मुद्दा है. अमेरिका की मांग है कि ईरान यूरेनियम का ‘जीरो एनरिचमेंट’ करे और अपने सशस्त्र समूहों को फंड देना बंद करे.

रूस और पाकिस्तान का इस मामले में क्या रोल है?

  • पाकिस्तान: प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से फोन पर बात की और उन्हें अमेरिका के साथ हुए युद्धविराम के नियमों का पालन करने की सलाह दी.
  • रूस: राष्ट्रपति Vladimir Putin ने कहा है कि रूस इस कूटनीतिक कोशिश में ईरान का पूरा समर्थन करेगा.
  • महत्वपूर्ण मुलाकातें: ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की, जबकि रूस के रक्षा मंत्री और ईरान के डिप्टी रक्षा मंत्री के बीच भी बातचीत हुई.

लेबनान और इजराइल के बीच क्या चल रहा है?

एक तरफ जहां ट्रंप और ईरान के बीच बातचीत की संभावना है, वहीं लेबनान में स्थिति अलग है. हिजबुल्लाह नेता Naim Qassem ने इजराइल के साथ किसी भी बातचीत को गलत बताया है. दूसरी ओर, लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun का कहना है कि युद्ध खत्म करने के लिए इजराइल के साथ सीधी बातचीत जरूरी है और उन्होंने युद्ध भड़काने वालों पर आरोप लगाए हैं.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.