अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध को जल्द खत्म करने का संकेत दिया है। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में बातचीत काफी आगे बढ़ी है और जल्द ही कोई समझौता हो सकता है। इस बीच ईरान सरकार अमेरिकी शांति प्रस्ताव की जांच कर रही है, जिससे पूरी दुनिया की नजरें अब इस डील पर टिकी हैं।

शांति प्रस्ताव में क्या शर्तें हैं और क्या मांगें हैं?

बताया जा रहा है कि अमेरिका ने एक पेज का शांति प्रस्ताव भेजा है जिसका मकसद युद्ध को रोकना और आगे की बातचीत का रास्ता खोलना है। इस प्रस्ताव की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • दोनों देशों के बीच युद्ध और दुश्मनी को पूरी तरह खत्म करना।
  • ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाना।
  • Strait of Hormuz को दोबारा खोलना ताकि व्यापार सामान्य हो सके।
  • ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सीमा तय करना, जिसमें 15 साल तक यूरेनियम संवर्धन न करने और मौजूदा स्टॉक को देश से बाहर भेजने की बात शामिल है।

ईरान और पाकिस्तान का इस प्रस्ताव पर क्या कहना है?

ईरान की विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने पुष्टि की है कि सरकार इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रही है और अपना जवाब पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुँचाएगी। हालांकि, ईरान के भीतर इस प्रस्ताव को लेकर अलग-अलग राय है। सांसद Ebrahim Rezaei ने इसे वास्तविकता के बजाय अमेरिका की इच्छा सूची बताया है। वहीं, संसद अध्यक्ष Mohammad Baqer Qalibaf ने सोशल मीडिया पर इस समझौते की खबरों का मजाक उड़ाया है। पाकिस्तान इस पूरी प्रक्रिया में एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और दोनों पक्षों के बीच दस्तावेजों का आदान-प्रदान कर रहा है।

अमेरिका ने युद्ध रोकने के लिए क्या बड़े कदम उठाए?

अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने घोषणा की है कि इस संघर्ष का सैन्य चरण अब खत्म हो गया है। राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बड़ा फैसला लेते हुए “Project Freedom” नाम के नौसैनिक मिशन को फिलहाल रोक दिया है। यह मिशन Strait of Hormuz से व्यापारिक जहाजों को रास्ता दिखाने के लिए शुरू किया गया था। ट्रंप का मानना है कि इस कदम से शांति समझौते के लिए समय मिलेगा, हालांकि उन्होंने चेतावनी भी दी है कि अगर डील नहीं हुई तो बमबारी की तीव्रता बढ़ाई जाएगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच शांति प्रस्ताव में मुख्य बातें क्या हैं?

प्रस्ताव में युद्ध खत्म करने, ईरान से अमेरिकी प्रतिबंध हटाने और Strait of Hormuz को फिर से खोलने की बात कही गई है। साथ ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर 15 साल का प्रतिबंध लगाने का सुझाव दिया गया है।

इस शांति वार्ता में पाकिस्तान की क्या भूमिका है?

पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच एक मध्यस्थ (Mediator) के रूप में काम कर रहा है और दोनों देशों के बीच शांति प्रस्ताव और दस्तावेजों को पहुँचाने का काम कर रहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.