अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump इस वक्त बड़ी मुश्किल में फंसे नजर आ रहे हैं। ईरान के साथ शांति वार्ता पूरी तरह रुक गई है और देश के अंदर भी उनके खिलाफ नाराजगी बढ़ रही है। इसी बीच ट्रंप बीजिंग पहुंचे हैं जहां उनकी मुलाकात चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping से होगी ताकि ईरान युद्ध और शांति वार्ता पर चर्चा की जा सके।

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ईरान ने शांति बातचीत के लिए क्या शर्तें रखी हैं?

ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत फिर से शुरू करने के लिए 5 मुख्य शर्तें रखी हैं। इनमें सबसे बड़ी मांग यह है कि लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध तुरंत रोका जाए। इसके अलावा ईरान ने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

  • अमेरिका ईरान पर लगे सभी प्रतिबंध हटाए।
  • ईरान के जमा किए गए वित्तीय एसेट्स को वापस किया जाए।
  • युद्ध के कारण हुए नुकसान की भरपाई की जाए।
  • Strait of Hormuz पर ईरान की संप्रभुता को मान्यता दी जाए।

तेहरान ने अमेरिका के 14 पॉइंट वाले शांति प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया और इसे समर्पण की मांग बताया।

डोनाल्ड ट्रंप का रुख और चीन की भूमिका

राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के ताजा शांति प्रस्ताव को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताया और कहा कि अब युद्धविराम की स्थिति बहुत नाजुक हो चुकी है। ट्रंप का कहना है कि उनका पूरा ध्यान सिर्फ ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने पर है। उन्होंने यह भी साफ किया कि उन्हें इस विवाद को सुलझाने के लिए बीजिंग की मदद की जरूरत नहीं है। वहीं, चीन के विदेश मंत्री Wang Yi ने इस मामले में पाकिस्तान की मध्यस्थता की तारीफ की है और उससे और कोशिश करने को कहा है।

Strait of Hormuz और दुनिया पर इसका असर

ईरान ने Strait of Hormuz पर अपना अधिकार जताया है जिससे दुनिया भर में तेल और ऊर्जा की सप्लाई प्रभावित हो रही है। इस मुद्दे पर Bahrain के नेतृत्व में एक UN प्रस्ताव लाया गया जिसे 112 देशों ने समर्थन दिया है। इस प्रस्ताव में मांग की गई है कि इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही स्वतंत्र रहे और ईरान अपने पड़ोसी देशों पर हमले बंद करे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस लंबे युद्ध की वजह से अब अमेरिका के मुकाबले चीन का प्रभाव दुनिया में बढ़ गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

डोनाल्ड ट्रंप बीजिंग क्यों गए हैं?

राष्ट्रपति ट्रंप चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping से मिलने बीजिंग गए हैं ताकि ईरान के साथ चल रहे युद्ध और शांति वार्ता के मुद्दों पर चर्चा की जा सके।

क्या पाकिस्तान इस विवाद में कोई भूमिका निभा रहा है?

हाँ, पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता का काम कर रहा है, जिसकी चीन के विदेश मंत्री Wang Yi ने तारीफ भी की है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com