अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच एक बड़ी जानकारी सामने आई है। डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ईरान के खिलाफ अपनी रणनीति बनाने के लिए ‘फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसिस’ (FDD) नाम के थिंक टैंक की मदद ले रही है। यह ग्रुप इसराइल का समर्थक माना जाता है और इसके सुझावों को ट्रंप प्रशासन ने अपनी पॉलिसी में शामिल किया है। अब दुनिया यह देख रही है कि क्या इससे युद्ध बढ़ेगा या कोई शांति समझौता होगा।

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FDD कौन है और ट्रंप सरकार इस पर क्यों भरोसा कर रही है?

FDD एक ऐसा थिंक टैंक है जो इसराइल के हितों का समर्थन करता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान के खिलाफ जो रणनीति बनाई गई है, उसमें FDD के सुझावों का बड़ा हाथ है। ट्रंप प्रशासन के मुख्य अधिकारी, जैसे विदेश मंत्री मार्को रूबियो और रक्षा सचिव पीट हेगसेथ, ईरान के प्रति अमेरिकी नीति को आकार देने में इस थिंक टैंक के विचारों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

ईरान युद्ध और सैन्य कार्रवाई की ताज़ा स्थिति क्या है?

  • सैन्य ऑपरेशन: 6 मई 2026 को खबरें आईं कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ खत्म हो गया है। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को भी रोक दिया गया है।
  • नाकेबंदी: राष्ट्रपति ट्रंप ने 30 अप्रैल 2026 को दावा किया था कि ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी कामयाब रही है और उन्होंने ईरान से हार मानने को कहा था।
  • समझौते की उम्मीद: 6 मई 2026 को ट्रंप ने बताया कि ईरान के साथ संदेशों का आदान-प्रदान हुआ है और एक डील होना मुमकिन है।
  • युद्ध की चेतावनी: दूसरी तरफ, ईरानी सैन्य कमांडर मोहम्मद जाफर असदी ने 3 मई 2026 को कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा टकराव होने की पूरी संभावना है।

बड़े नेताओं और अधिकारियों ने क्या कहा?

इस विवाद पर दोनों देशों के अधिकारियों ने अपनी बात रखी है। अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने 30 अप्रैल को जानकारी दी कि 60 दिनों के युद्ध का कुल खर्च 25 अरब डॉलर से कम था। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा कि समुद्र में नाकेबंदी अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है और यह पूरी तरह नाकाम होगी। ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिकी सलाह को बेकार बताया और कहा कि इन कदमों से सिर्फ दुनिया भर में तेल की कीमतें बढ़ी हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

FDD क्या है और इसका ट्रंप सरकार से क्या संबंध है?

FDD (फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसिस) एक इसराइल समर्थक थिंक टैंक है। ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य और राजनीतिक रणनीति बनाने के लिए इस संस्था के सुझावों का इस्तेमाल कर रहा है।

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध का अनुमानित खर्च कितना था?

अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के मुताबिक, 60 दिनों के संघर्ष का अनुमानित खर्च 25 अरब डॉलर से कम रहा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.