अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump इस समय ईरान द्वारा भेजे गए 14 पॉइंट के एक नए प्रस्ताव की जांच कर रहे हैं. यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए भेजा गया था, लेकिन Trump ने इस पर अपनी गहरी नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि ईरान ने अपनी पुरानी गलतियों की अभी तक कोई बड़ी कीमत नहीं चुकाई है.

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ईरान के 14 पॉइंट वाले प्रस्ताव में क्या मांगें हैं?

ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से जो प्रस्ताव भेजा है, उसमें जंग खत्म करने के लिए कुछ शर्तें रखी हैं. इस योजना में चरणबद्ध तरीके से बातचीत करने की बात कही गई है:

  • सबसे पहले Strait of Hormuz को फिर से खोलने पर चर्चा हो.
  • अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी (naval blockade) को कम करे और हमलों को रोकने की गारंटी दे.
  • ईरान की जमी हुई संपत्ति (frozen assets) वापस की जाए और उस पर लगी पाबंदियां हटाई जाएं.
  • लेबनन समेत सभी मोर्चों पर चल रही जंग का पूरी तरह खात्मा हो.
  • न्यूक्लियर प्रोग्राम पर बातचीत को फिलहाल के लिए आगे टाला जाए.
  • अमेरिका अपनी सेना को ईरान के करीब वाले इलाकों से हटा ले.

Donald Trump ने इस प्रस्ताव पर क्या प्रतिक्रिया दी?

राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि उन्हें यह प्रस्ताव स्वीकार्य नहीं लग रहा है. उन्होंने कहा कि वह इस ऑफर से संतुष्ट नहीं हैं क्योंकि ईरान ऐसी मांगें कर रहा है जिन पर वह सहमत नहीं हो सकते. Trump ने चेतावनी दी कि अगर बात नहीं बनी तो सैन्य विकल्प अभी भी मेज पर मौजूद हैं. दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने Trump के ‘समुद्री लुटेरों’ वाले बयान की कड़ी निंदा की है. वहीं ईरान के एक lawmaker Alaeddin Boroujerdi ने दावा किया है कि उनके पास सालों तक युद्ध चलाने के लिए पर्याप्त मिसाइल और ड्रोन मौजूद हैं.

पाकिस्तान की भूमिका और मौजूदा हालात क्या हैं?

अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में पाकिस्तान एक मध्यस्थ (mediator) के रूप में काम कर रहा है. 8 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान की मदद से एक अस्थायी युद्धविराम (ceasefire) हुआ था, लेकिन समुद्री रास्तों को लेकर विवाद अब भी जारी है. अमेरिका की राजनयिक टीम में Nick Stewart को शामिल किया गया है जो इस युद्ध को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं. इससे पहले मार्च 2026 में Trump प्रशासन ने अपना 15 पॉइंट का प्लान ईरान को दिया था, जिसमें परमाणु क्षमता को पूरी तरह खत्म करने की मांग की गई थी.

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने अपना नया प्रस्ताव कब और कैसे भेजा?

ईरान ने अपना 14-पॉइंट प्रस्ताव 30 अप्रैल 2026 की शाम को पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए अमेरिका को भेजा था.

Donald Trump ने ईरान के प्रस्ताव को क्यों नकारा?

Trump का मानना है कि ईरान ने अपने पिछले कार्यों के लिए पर्याप्त कीमत नहीं चुकाई है और वह ऐसी शर्तों पर सहमत नहीं हो सकते जो ईरान मांग रहा है.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com