अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और उनके बड़े सलाहकार ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपना रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप की टीम चाहती है कि ईरान पर लगी नाकाबंदी जारी रहे और उस पर और ज़्यादा कड़े प्रतिबंध लगाए जाएं। यह सब इसलिए किया जा रहा है ताकि सैन्य कार्रवाई या युद्ध की नौबत आने से पहले ईरान पर पूरी तरह दबाव बनाया जा सके।
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ईरान पर और कड़े प्रतिबंध और नाकाबंदी का क्या है प्लान?
Axios की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका और ईरान के बीच का विवाद अब एक कोल्ड वॉर जैसा हो गया है। इसमें आर्थिक प्रतिबंध और युद्धपोतों को रोकने जैसी हरकतें शामिल हैं। अमेरिका के विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Marco Rubio ने कहा कि ईरान पर अभी जो प्रतिबंध हैं वो बहुत सख्त हैं, लेकिन अभी और भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि दुनिया के बाकी देश भी अमेरिका के इस ‘क्रशिंग सैंक्शन्स’ यानी भारी प्रतिबंधों वाले अभियान में साथ देंगे।
ईरान की प्रस्तावना और ट्रंप का इनकार क्यों?
ईरान ने हाल ही में एक प्रस्ताव भेजा था जिसमें उसने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने और अमेरिकी समुद्री नाकाबंदी खत्म करने की बात कही थी। ईरान चाहता था कि परमाणु बातचीत को बाद के लिए टाल दिया जाए। लेकिन राष्ट्रपति Trump ने इस प्रस्ताव पर अपनी नाखुशी जताई और इसे स्वीकार नहीं किया क्योंकि यह वाशिंगटन की ‘रेड लाइन्स’ यानी तय शर्तों को पूरा नहीं करता था। इसी वजह से ट्रंप ने अपने दूतों Steve Witkoff और Jared Kushner की इस्लामाबाद यात्रा भी रद्द कर दी।
युद्ध की संभावना और अन्य देशों की भूमिका
ट्रंप का मानना है कि उन्होंने लगभग सभी सैन्य विकल्प इस्तेमाल कर लिए हैं और अब वह युद्ध खत्म करना चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ईरान बातचीत में दिलचस्पी नहीं दिखाएगा, तो तनाव फिर से बढ़ सकता है। इस बीच पाकिस्तान, ओमान, मिस्र और तुर्की जैसे देश बीच-बचाव की कोशिश कर रहे हैं। पाकिस्तान सेना के प्रमुख आसिम मुनीर भी इस बातचीत में शामिल रहे हैं। साथ ही, ईंधन की कीमतों के दबाव को कम करने के लिए ट्रंप विदेशी जहाजों को अमेरिकी बंदरगाहों के बीच ईंधन ले जाने की अस्थायी छूट देने पर भी विचार कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा स्थिति क्या है?
दोनों देशों के बीच स्थिति एक कोल्ड वॉर की तरह है, जहां वित्तीय प्रतिबंध लगाए गए हैं और समुद्री जहाजों को रोका जा रहा है, लेकिन युद्ध का खतरा अब भी बना हुआ है।
ईरान ने अमेरिका को क्या प्रस्ताव दिया था?
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और अमेरिकी नाकाबंदी खत्म करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उसने परमाणु वार्ता को बाद के लिए टालने की बात कही थी जिसे ट्रंप ने खारिज कर दिया।