अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप एक गुप्त डील के बहुत करीब पहुंच गए थे, लेकिन इसकी खबर इजरायल को नहीं थी। एक इजरायली सूत्र के मुताबिक, जब वॉशिंगटन शांति की दिशा में कदम बढ़ा रहा था, तब इजरायल अपनी लड़ाई को और तेज करने की तैयारी में जुटा था। इस घटना ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक तालमेल पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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ट्रंप और ईरान के बीच किस बात को लेकर चल रही थी बात?

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए एक संभावित समझौते पर काम कर रहे थे। इस डील का मुख्य मकसद सिर्फ जंग रोकना ही नहीं था, बल्कि Strait of Hormuz में शिपिंग को फिर से सामान्य करना भी था। अगर यह डील सफल होती, तो समुद्री व्यापार फिर से सुचारू रूप से चलने लगता और अंतरराष्ट्रीय बाजार को राहत मिलती।

इजरायल को जानकारी क्यों नहीं थी और वह क्या कर रहा था?

इजरायली सूत्रों ने दावा किया है कि उन्हें इस बैकचैनल डील की कोई जानकारी नहीं थी। इसी वजह से इजरायल को यह उम्मीद थी कि आने वाले दिनों में लड़ाई और बढ़ेगी। इस भ्रम के कारण इजरायल अपनी सैन्य तैयारी तेज कर रहा था ताकि वह युद्ध की स्थिति में खुद को मजबूत रख सके।

अमेरिका और इजरायल के रिश्तों पर क्या असर पड़ा?

  • तालमेल की कमी: एक तरफ अमेरिका शांति चाहता था और दूसरी तरफ इजरायल जंग की तैयारी कर रहा था, जिससे दोनों के बीच तालमेल की कमी दिखी।
  • रणनीतिक मतभेद: इस घटना ने दुनिया के सामने यह बात रखी कि अमेरिका और इजरायल के बीच रणनीतिक समझ को लेकर मतभेद हो सकते हैं।
  • शिपिंग पर असर: ट्रंप प्रशासन का जोर हॉर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापार को बहाल करने पर था, जबकि इजरायल सैन्य कार्रवाई की दिशा में सोच रहा था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यह खबर कब सामने आई?

यह जानकारी 29 अप्रैल और 6 मई 2026 की रिपोर्ट्स में सामने आई है जिसे रॉयटर्स ने प्रकाशित किया था।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) का इस डील से क्या संबंध है?

डोनाल्ड ट्रंप की संभावित डील का एक बड़ा हिस्सा हॉर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग और समुद्री व्यापार को फिर से सामान्य करना था ताकि वैश्विक व्यापार प्रभावित न हो।