Trump-Iran Tension: Trump ने ईरान को दी चेतावनी, Strait of Hormuz में बढ़ा तनाव, भारतीय जहाजों पर पड़ा असर

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। Trump ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है कि वह Strait of Hormuz के मुद्दे पर अमेरिका को ब्लैकमेल करने की कोशिश न करे। दूसरी तरफ ईरान की सेना ने इस समुद्री रास्ते पर अपना सख्त कंट्रोल कर लिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही पर बुरा असर पड़ा है।

Trump और ईरान के बीच असल विवाद क्या है?

Donald Trump ने दावा किया था कि ईरान अब Hamas और Hezbollah को पैसा देना बंद करने और अपना परमाणु सामान हटाने के लिए राजी हो गया है। लेकिन ईरान के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर Saeed Khatibzadeh ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने साफ़ कहा कि कोई भी परमाणु सामग्री अमेरिका नहीं भेजी जाएगी। ईरान का कहना है कि अमेरिका की मांगें बहुत ज्यादा हैं, इसलिए वे अभी सीधे बातचीत के लिए तैयार नहीं हैं।

Strait of Hormuz में क्या हुआ और भारत पर क्या असर पड़ा?

ईरान की सेना ने ऐलान किया है कि Strait of Hormuz अब उनके पूरी तरह कंट्रोल में है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखेगा, तब तक वे इस रास्ते को बंद रखेंगे। इस तनाव के बीच कुछ भारतीय जहाजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ भारतीय जहाज वापस लौट गए और भारत सरकार ने इस घटना पर ईरान के राजदूत को बुलाकर अपना विरोध जताया है।

क्या बातचीत से मामला सुलझेगा?

इस विवाद को सुलझाने के लिए Pakistan, Oman और Turkey बीच-बचाव कर रहे हैं। ईरान की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने बताया कि उन्हें पाकिस्तान के जरिए अमेरिका से कुछ नए प्रस्ताव मिले हैं, जिन्हें वे अभी देख रहे हैं। हालांकि, ईरान का कहना है कि जब तक एक बुनियादी समझ नहीं बनती, तब तक आमने-सामने की मीटिंग करना मुश्किल है।

तारीख और पक्ष मुख्य जानकारी/बयान
16 अप्रैल 2026 Trump ने कहा कि विवाद लगभग खत्म है और ईरान परमाणु सामान छोड़ने को तैयार है।
17 अप्रैल 2026 Trump ने दावा किया कि ईरान Hamas और Hezbollah की फंडिंग बंद करने पर सहमत हुआ।
18 अप्रैल 2026 ईरान ने Strait of Hormuz पर फिर से सख्त कंट्रोल किया और अमेरिका को जवाब दिया।
Saeed Khatibzadeh (ईरान) साफ़ किया कि कोई भी परमाणु सामग्री अमेरिका नहीं भेजी जाएगी।
Masoud Pezeshkian (ईरान) कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता लेकिन झुकना भी स्वीकार नहीं करेगा।
मध्यस्थ देश पाकिस्तान, ओमान और तुर्की बातचीत शुरू कराने की कोशिश कर रहे हैं।
भारत अपने जहाजों के साथ हुई घटना के कारण ईरान का विरोध जताया।