अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब युद्ध जैसी स्थिति की ओर बढ़ रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अमेरिकी जहाजों पर हमला हुआ तो ईरान को दुनिया के नक्शे से मिटा दिया जाएगा। इस बीच ईरान ने इसे राजनीतिक मुद्दा बताते हुए सैन्य कार्रवाई का विरोध किया है।

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ट्रंप की धमकी और अमेरिका का ‘Project Freedom’ क्या है?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 4 मई 2026 को Fox News को दिए इंटरव्यू और सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अगर Strait of Hormuz में अमेरिकी जहाजों पर हमला हुआ, तो ईरान को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा। उन्होंने इस सैन्य अभियान को अब तक का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास बताया है। अमेरिका ने ‘Project Freedom’ नाम से एक ऑपरेशन शुरू किया है ताकि वहां फंसे जहाजों को सुरक्षित निकाला जा सके। Joint Maritime Information Center ने चेतावनी दी है कि इस समुद्री रास्ते में कई बारूद (mines) बिछे हुए हैं, इसलिए यहाँ से गुजरना बहुत खतरनाक है।

ईरान का क्या कहना है और पाकिस्तान की क्या भूमिका है?

ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने कहा कि राजनीतिक संकट का कोई सैन्य समाधान नहीं होता। उन्होंने साफ किया कि ईरान ने यह विवाद शुरू नहीं किया और अगर अमेरिका अपनी धमकियां बंद करता है, तो वे बातचीत के लिए तैयार हैं। दूसरी तरफ, ईरान के मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी सेना ने Strait of Hormuz में घुसने की कोशिश की, तो उन्हें निशाना बनाया जाएगा। वहीं ईरान के डिप्टी स्पीकर अली निकज़ाद ने दावा किया कि यह रास्ता ईरान का है। इस पूरे मामले में पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहा है। ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को एक 14 सूत्रीय प्रस्ताव भेजा है, जिसमें अमेरिकी सेना की पूरी वापसी की मांग की गई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz में जहाजों के लिए क्या खतरा है?

Joint Maritime Information Center के मुताबिक इस रास्ते में कई समुद्री बारूद (mines) बिछे हुए हैं जिनका सर्वे अभी पूरा नहीं हुआ है, इसलिए यहाँ से गुजरना बेहद जोखिम भरा है।

क्या अमेरिका और ईरान के बीच शांति के लिए कोई बातचीत हो रही है?

हाँ, पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कर रहा है। ईरान ने एक 14-पॉइंट प्रस्ताव भेजा है जिसमें अमेरिकी सेना की पूरी वापसी की मांग की गई है, जिस पर राष्ट्रपति ट्रंप विचार कर रहे हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.