अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान पर जोरदार हमला कर सकता है और ऐसा भी हो सकता है कि वह ऐसा न करें। ट्रंप ने बताया कि वह हमले के आदेश देने ही वाले थे, लेकिन खाड़ी देशों के कहने पर उन्होंने अभी रुकने का फैसला किया है।
Trump ने ईरान पर हमले के लिए क्यों रोका समय?
Donald Trump ने बताया कि वह सोमवार शाम को ईरान पर नए हमलों के आदेश देने के बहुत करीब थे। लेकिन फारस की खाड़ी के कुछ सहयोगी देशों ने उनसे अपील की कि पहले बातचीत के जरिए मामला सुलझाने की कोशिश की जाए। ट्रंप ने इस बातचीत के लिए दो से तीन दिन का समय दिया है। उन्होंने यह भी साफ़ किया कि वह किसी जल्दबाजी में नहीं हैं, लेकिन ईरान को परमाणु हथियार बनाने नहीं देंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu वही करेंगे जो ट्रंप उन्हें करने को कहेंगे।
सऊदी अरब और ईरान की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?
- सऊदी अरब: सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने ट्रंप के इस फैसले की तारीफ की। उन्होंने कहा कि बातचीत से ही एक ऐसा समझौता होगा जिससे संघर्ष खत्म होगा और होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री रास्तों की सुरक्षा बनी रहेगी।
- ईरान की IRGC: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका या इसराइल ने फिर से हमला किया, तो उसका जवाब इस क्षेत्र के बाहर भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह ऐसी जगहों पर प्रहार करेंगे जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।
- ईरानी संसद: ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिका पर युद्ध की नई तैयारी करने का आरोप लगाया और कहा कि ईरान दबाव के आगे नहीं झुकेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ट्रंप ने ईरान पर हमला करने से क्यों रोका समय?
ट्रंप ने फारस की खाड़ी के सहयोगी देशों के अनुरोध पर हमला रोका ताकि डिप्लोमेसी और बातचीत के जरिए समाधान निकाला जा सके। इसके लिए उन्होंने दो से तीन दिन का समय दिया है।
ईरान ने अमेरिका और इसराइल को क्या चेतावनी दी है?
ईरान की IRGC ने कहा है कि किसी भी नए हमले का जवाब पूरे क्षेत्र के बाहर दिया जाएगा और वह ऐसी जगहों पर प्रहार करेंगे जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती।
