अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के शांति प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया है। अब ऐसी खबरें आ रही हैं कि अगर बातचीत सफल नहीं हुई तो अमेरिका ईरान पर एक छोटा लेकिन घातक हमला कर सकता है। इस हमले की तैयारी पूरी कर ली गई है और इसमें ईरान के ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाया जाएगा।
अमेरिका और ईरान के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या है
राष्ट्रपति Donald Trump ने 3 मई 2026 को ईरान के शांति प्रस्ताव को अस्वीकार्य बताया था। 4 मई को उन्होंने आधिकारिक तौर पर इस समझौते को ठुकरा दिया क्योंकि शर्तें उनके मुताबिक नहीं थीं। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को बातचीत का हिस्सा बनाए लेकिन ईरान ने इसे मना कर दिया है। इस बीच ईरान ने कमर्शियल जहाजों पर 9 बार हमला किया और अमेरिकी सेना पर 10 से ज्यादा बार हमले किए। UAE ने भी ईरान की तरफ से मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबर दी है।
क्या हमला करने की तैयारी हो चुकी है
पेंटागन ने सैन्य हमलों के कई विकल्प तैयार कर लिए हैं। इसराइल के सूत्रों के मुताबिक अमेरिका और इसराइल मिलकर एक छोटे अभियान की योजना बना रहे हैं। इस योजना के तहत ईरान के सीनियर अधिकारियों और वहां के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया जाएगा। रक्षा सचिव Pete Hegseth और जनरल Dan Caine ने कहा कि फिलहाल युद्धविराम लागू है लेकिन अमेरिकी सेना किसी भी समय बड़े सैन्य ऑपरेशन के लिए तैयार है।
समुद्री रास्तों पर क्या स्थिति है
अमेरिकी सेना इस समय ‘Project Freedom’ नाम का अभियान चला रही है। इसका मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता देना है। इस दौरान ईरान ने क्रूज मिसाइल, ड्रोन और छोटी नावों से हमले किए जिन्हें अमेरिकी सेना ने रोक दिया। राष्ट्रपति Trump ने साफ चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी जहाजों पर हमला हुआ तो ईरान को भारी कीमत चुकानी होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू हो गया है
नहीं युद्ध शुरू नहीं हुआ है और अभी युद्धविराम लागू है। हालांकि दोनों देशों के बीच तनाव बहुत अधिक है और बातचीत असफल होने पर हमले की संभावना है।
अमेरिका के हमले का मुख्य लक्ष्य क्या होगा
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी हमला ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे और वहां के वरिष्ठ अधिकारियों को निशाना बनाकर किया जाएगा।