अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के बीच बातचीत फिर से शुरू हो गई है। ट्रंप ने दावा किया कि पिछले 24 घंटों में बहुत अच्छी चर्चा हुई और अब एक समझौता होना मुमकिन है। इस खबर के बाद पूरी दुनिया की नजरें अब वॉशिंगटन और तेहरान पर टिकी हैं कि क्या वाकई यह युद्ध खत्म होगा।
ट्रंप और ईरान की बातचीत में क्या खास है?
राष्ट्रपति Donald Trump ने बताया कि ईरान के साथ उनकी बातचीत काफी सकारात्मक रही। उन्होंने ओवल ऑफिस में यह भी दावा किया कि अमेरिका इस युद्ध में जीत चुका है और अब एक डील होने की पूरी संभावना है। हालांकि, ट्रंप ने अपनी मांग दोहराई कि ईरान के पास किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। पूर्व अमेरिकी अधिकारी Mark Kimmitt का कहना है कि ईरान को पूरी तरह यूरेनियम समृद्ध करने से रोकना मुश्किल होगा क्योंकि अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत उन्हें 3.67 प्रतिशत तक इसकी अनुमति है।
ईरान का रुख क्या है और पाकिस्तान कैसे मदद कर रहा है?
ईरान ने बातचीत में अपनी शर्तों पर सख्ती बरती है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने कहा कि वे अमेरिका के प्लान की समीक्षा कर रहे हैं और इसका जवाब पाकिस्तान के जरिए देंगे। ईरान का साफ कहना है कि यूरेनियम समृद्ध करना उनके लिए गैर-परक्राम्य है, यानी वे इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेंगे। पाकिस्तान फिलहाल दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जिससे बातचीत आगे बढ़ी है।
Strait of Hormuz में क्या बदलाव हुए हैं?
पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद अमेरिका ने Strait of Hormuz में अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए लगाए गए नौसैनिक पहरे को कुछ समय के लिए रोक दिया है। अमेरिकी मिशन ‘Project Freedom’ को फिलहाल रोका गया है क्योंकि एक अंतिम समझौते की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। दूसरी तरफ, ईरान ने इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों के लिए नए नियम बनाए हैं। अब जहाजों को IRGC Navy से मंजूरी लेना जरूरी होगा और कुछ मामलों में फीस भी देनी होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म हो रहा है?
राष्ट्रपति ट्रंप ने बातचीत को सकारात्मक बताया है और पाकिस्तान की मध्यस्थता से एक सीमित ढांचे वाले समझौते की उम्मीद जगी है।
Strait of Hormuz में क्या नया अपडेट है?
अमेरिका ने अपने नौसैनिक पहरे को रोका है, जबकि ईरान ने जहाजों के आवागमन के लिए IRGC Navy से मंजूरी और फीस जैसे नए नियम लागू किए हैं।