अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए नेतृत्व के साथ बातचीत करने की इच्छा जताई है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष काफी तेज हो गया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की एक हमले में मौत के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर है। ट्रंप ने द अटलांटिक को दिए इंटरव्यू में बताया कि ईरानी अधिकारियों ने बातचीत के लिए उनसे संपर्क किया है।

युद्ध की ताज़ा स्थिति और जान-माल का नुकसान

ईरानी मीडिया और सुरक्षा परिषद ने पुष्टि की है कि 28 फरवरी 2026 को हुए अमेरिकी और इजरायली हवाई हमले में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। इसके जवाब में ईरान ने 27 अमेरिकी ठिकानों और इजरायल के सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जानकारी दी है कि इस संघर्ष में 3 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं और 5 गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ईरान में अब एक अंतरिम परिषद बनाई गई है जो देश का कामकाज देखेगी।

कुवैत और प्रवासियों पर पड़ रहा है सीधा असर

इस क्षेत्रीय तनाव की वजह से कुवैत में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कुवैत सरकार ने सभी स्कूलों को सुरक्षा के लिहाज से ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट कर दिया है। कुवैत पोर्ट्स अथॉरिटी ने शुएबा बंदरगाह पर कामकाज धीरे-धीरे बहाल करने की बात कही है। इस लड़ाई की वजह से हवाई यातायात बाधित हुआ है जिससे बड़ी संख्या में भारतीय और अन्य विदेशी नागरिक खाड़ी देशों में फंसे हुए हैं। जहाजों की आवाजाही रुकने से आने वाले समय में तेल की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।

घटना तारीख मुख्य प्रभाव
ऑपरेशन एपिक फरी 28 फरवरी 2026 खामेनेई की मौत
ईरानी जवाबी हमला 1 मार्च 2026 3 अमेरिकी सैनिकों की मौत
ट्रंप का इंटरव्यू 1 मार्च 2026 बातचीत का प्रस्ताव
कुवैत में शिक्षा मार्च 2026 ऑनलाइन लर्निंग शुरू