अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है। राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के शांति प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया है और इसे कचरा करार दिया है। अब व्हाइट हाउस ने साफ़ कर दिया है कि ईरान के खिलाफ सभी विकल्प खुले हैं, जिससे इस पूरे इलाके में युद्ध का खतरा बढ़ गया है।
Trump ने ईरान के प्रस्ताव को क्यों ठुकराया और अब क्या होगा?
11 मई 2026 को राष्ट्रपति Trump ने ईरान के शांति प्रस्ताव को बिल्कुल अस्वीकार्य बताते हुए उसे कचरा कहा। उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा कि ईरान के साथ चल रहा युद्धविराम अब आखिरी सांसें ले रहा है। इस तनाव के बीच Trump अपनी नेशनल सिक्योरिटी टीम के साथ बैठक कर रहे हैं ताकि यह तय किया जा सके कि क्या ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू करनी चाहिए।
अमेरिका किन सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है?
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने बताया कि राष्ट्रपति Trump मध्य पूर्व युद्ध को लेकर सभी विकल्पों पर गौर कर रहे हैं। अमेरिका के लक्ष्यों में ईरान की नौसेना और वायुसेना को खत्म करना, उसकी मिसाइल ताकत को कम करना और उसे परमाणु हथियार बनाने से रोकना शामिल है। इसके अलावा Project Freedom को फिर से शुरू करने की योजना भी है, जिसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों को रास्ता दिलाया जा सके।
ईरान और अन्य देशों पर क्या असर पड़ा है?
9 मई 2026 को अमेरिका ने ईरान, चीन, बेलारूस और UAE की 11 संस्थाओं और 3 लोगों पर प्रतिबंध लगाए। ये लोग ईरान को हथियार दिलाने में मदद कर रहे थे। वहीं दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने अपने प्रस्ताव को सही और उदार बताया। उन्होंने मांग की है कि युद्ध खत्म हो, आर्थिक पाबंदियां हटें और उनकी जमी हुई संपत्ति वापस की जाए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका ने ईरान और अन्य देशों पर प्रतिबंध क्यों लगाए?
9 मई 2026 को अमेरिका ने ईरान, चीन, बेलारूस और UAE की कुछ संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए क्योंकि वे ईरान के हथियारों की खरीद में मदद कर रहे थे।
ईरान की अमेरिका से मुख्य मांगें क्या हैं?
ईरान चाहता है कि युद्ध तुरंत खत्म हो, उन पर लगे आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं, समुद्री डकैती रोकी जाए और उनकी जमी हुई संपत्ति वापस मिले।
