अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वे ईरान से एक सही जवाब का इंतज़ार कर रहे हैं ताकि मामले को और बढ़ने से रोका जा सके। Trump ने साफ किया कि बातचीत अब अपने आखिरी दौर में है, लेकिन अगर समझौता नहीं हुआ तो नतीजे गंभीर होंगे। इस तनाव के बीच पूरी दुनिया की नज़रें अब दोनों देशों के अगले कदम पर टिकी हैं।
Trump ने क्या शर्तें रखी हैं और क्या धमकी दी है?
Donald Trump ने बताया कि ईरान के साथ बातचीत अब अपने अंतिम चरणों में पहुँच गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर डील नहीं हुई तो वे कुछ ऐसी कार्रवाई करेंगे जो काफी सख्त होगी। Trump ने ईरान पर ‘Steel Wall’ नाम की नेवल ब्लॉकेड यानी समुद्री नाकेबंदी लगाने की बात भी कही। उनके अनुसार ईरान की नौसेना और वायु सेना हार चुकी है और अब उनके पास समझौता करने का ही विकल्प बचा है। उन्होंने बातचीत जारी रखने के लिए दो से तीन दिन का सीमित समय दिया है।
ईरान की क्या प्रतिक्रिया रही और क्या है उनका स्टैंड?
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने सख्त चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका और इसराइल ने दोबारा हमला किया, तो यह जंग इस इलाके से बाहर फैल जाएगी। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araqchi ने कहा कि वे ज़रूरत पड़ने पर लड़ेंगे और ज़रूरत पड़ने पर बातचीत भी करेंगे। वहीं संसद के स्पीकर Mohammad Baqer Qalibaf ने अमेरिका पर युद्ध की नई कोशिश करने का आरोप लगाया और साफ कहा कि ईरान किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा।
विवाद को रोकने में किन देशों की भूमिका रही?
- सऊदी अरब, कतर और यूएई: इन देशों के नेताओं ने 18 मई को Trump से सैन्य हमले को टालने की विनती की थी, जिसके बाद हमले को स्थगित किया गया।
- पाकिस्तान: पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के रास्ते खोलने में मदद कर रहा है।
- चीन और रूस: इन दोनों देशों ने मध्य पूर्व में शांति बनाए रखने और सभी तरह की सैन्य कार्रवाइयों को रोकने की अपील की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Trump ने ईरान को समझौता करने के लिए कितना समय दिया है
Trump ने बातचीत के लिए दो से तीन दिन का समय दिया है, जो आने वाले वीकेंड या अगले हफ्ते की शुरुआत तक खिंच सकता है।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने क्या चेतावनी दी है
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका और इसराइल ने फिर से हमला किया, तो इस संघर्ष का दायरा मध्य पूर्व के क्षेत्र से बाहर फैल जाएगा।
