अमेरिका और ईरान के बीच जंग के बादल अब बहुत गहरे हो गए हैं. डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को साफ़ चेतावनी दी है कि अगर मंगलवार रात 8 बजे तक होरमुज़ जलडमरूमध्य का रास्ता नहीं खोला गया, तो ईरान के बिजली घरों और पुलों को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा. इस बीच इसराइल ने भी तेहरान के तीन हवाई अड्डों पर हमले किए हैं, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है.
ट्रम्प की चेतावनी और ईरान की क्या है प्रतिक्रिया?
ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर कहा है कि अगर समय सीमा खत्म होने तक रास्ता नहीं खुला, तो ईरान के लिए हालात बहुत खराब हो जाएंगे. उन्होंने इस दिन को ‘पावर प्लांट डे’ करार दिया है. वहीं दूसरी तरफ ईरान ने ट्रम्प की इन धमकियों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. ईरान का कहना है कि वे अपनी शर्तों पर ही पीछे हटेंगे. ईरान ने मांग की है कि उस पर लगी पाबंदियां हटाई जाएं और जंग में हुए नुकसान का हर्जाना दिया जाए.
खाड़ी देशों और आम लोगों पर क्या हो रहा है असर?
इस टकराव की वजह से खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है. होरमुज़ का रास्ता बंद होने की वजह से तेल और गैस की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा है. सऊदी अरब, बहरीन और यूएई जैसे देश ईरानी मिसाइलों और ड्रोन हमलों को रोकने में जुटे हुए हैं. संयुक्त राष्ट्र ने भी इस मामले में दखल देते हुए शांति की अपील की है.
| स्थान | ताज़ा अपडेट |
|---|---|
| तेहरान | 3 एयरपोर्ट्स पर इसराइली हमले की खबर |
| खार्ग द्वीप | अमेरिकी सेना ने तेल ठिकानों पर की बमबारी |
| होरमुज़ | ईरान ने जहाजों का रास्ता पूरी तरह बंद किया |
| लेबनान | 11 लाख से ज्यादा लोग अपना घर छोड़ने पर मजबूर |
- ईरानी हमले में आईआरजीसी के खुफिया प्रमुख जनरल माजिद खदेमी के मारे जाने की पुष्टि हुई है.
- दक्षिण कोरिया ने अपना तेल मंगाने के लिए अब सऊदी अरब के लाल सागर वाले बंदरगाहों का इस्तेमाल शुरू किया है.
- अमेरिका ने अपने गिर चुके विमानों के पायलटों को बचाने के लिए 170 से ज्यादा एयरक्राफ्ट तैनात किए हैं.
- चीन ने वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में उछाल को देखते हुए ऊर्जा के दूसरे विकल्पों पर काम शुरू कर दिया है.
