अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि या तो ईरान ईमानदारी से समझौता करे, नहीं तो युद्ध फिर से शुरू हो जाएगा। यह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब अमेरिका ने Strait of Hormuz में जहाजों की सुरक्षा के लिए ‘Project Freedom’ नाम का अभियान शुरू किया है।

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Project Freedom क्या है और इस पर विवाद क्यों है?

President Trump ने 3 मई 2026 को Project Freedom का ऐलान किया था, जो 4 मई से शुरू हो गया। इस मिशन में अमेरिकी सेना के 15,000 जवान शामिल हैं। इनका काम उन देशों के कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालना है जो इस लड़ाई का हिस्सा नहीं हैं।

  • ईरान का रुख: ईरान के मेजर जनरल Ali Abdollahi और Ebrahim Azizi ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी सेना Strait of Hormuz में घुसी, तो उसे बलपूर्वक रोका जाएगा। ईरान इसे युद्धविराम का उल्लंघन मानता है।
  • अमेरिका का दावा: अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने 4 मई को बयान दिया कि Strait of Hormuz पर अमेरिका का पूरा कंट्रोल है।

शांति प्रस्ताव और युद्ध की आशंका

ईरान ने अमेरिका को 14 पॉइंट का एक शांति प्रस्ताव भेजा था। Trump ने कहा कि वह इसे शायद खारिज कर देंगे क्योंकि ईरान ने उतनी बड़ी कीमत नहीं चुकाई है जितनी वह चाहते थे। हालांकि, Trump ने यह भी माना कि ईरान के साथ बातचीत सकारात्मक रही है और इससे भविष्य में कुछ अच्छा निकल सकता है।

दूसरी तरफ, अमेरिकी कांग्रेस में इस बात पर बहस चल रही है कि क्या राष्ट्रपति को सैन्य कार्रवाई के लिए संसद की मंजूरी लेनी चाहिए। Senator Susan Collins ने कहा कि किसी भी सैन्य कार्रवाई का लक्ष्य और रणनीति एकदम साफ होनी चाहिए।

UAE और अन्य देशों पर हमले का असर

4 मई 2026 को स्थिति और बिगड़ गई जब ईरान ने ceasefire के बाद पहली बार UAE पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। इसके अलावा, ईरान ने Strait of Hormuz में एक दक्षिण कोरियाई मालवाहक जहाज को भी निशाना बनाया। जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान की 6 छोटी नावों को डुबो दिया।

NATO प्रमुख Mark Rutte ने यूरोपीय नेताओं को आगाह किया है कि राष्ट्रपति Trump इस बात से निराश हैं कि यूरोपीय देश ईरान युद्ध में उनकी मदद करने में हिचकिचा रहे हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Project Freedom का मकसद क्या है?

इसका मकसद उन कमर्शियल जहाजों को Strait of Hormuz से सुरक्षित बाहर निकालना है जो इस युद्ध में शामिल नहीं हैं। इसमें 15,000 अमेरिकी सैनिक तैनात किए गए हैं।

क्या ईरान और अमेरिका के बीच शांति की कोई गुंजाइश है?

ईरान ने 14 पॉइंट का शांति प्रस्ताव दिया था, जिसे अमेरिका रिव्यू कर रहा है। हालांकि Trump ने इस प्रस्ताव से असंतुष्टि जताई है, लेकिन बातचीत को सकारात्मक बताया है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com