अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब खत्म हो सकता है। राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिए हैं कि दोनों देश एक समझौते के करीब हैं। इस डील में ईरान के यूरेनियम स्टॉक को लेकर बड़ी चर्चा हो रही है, जिससे पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच क्या है नया समझौता
खबरों के मुताबिक अमेरिका और ईरान एक पेज के समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर करने के करीब हैं। इस समझौते का मकसद दोनों देशों के बीच चल रहे विवाद और युद्ध को खत्म करना है। इस पूरी बातचीत में Pakistan एक मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है। अमेरिका को उम्मीद है कि ईरान अगले 48 घंटों के भीतर इस प्रस्ताव पर अपना जवाब दे देगा। President Donald Trump ने सोशल मीडिया पर कहा कि अगर ईरान व्हाइट हाउस के प्रस्ताव को मान लेता है, तो युद्ध जल्द खत्म हो सकता है।
यूरेनियम स्टॉक को लेकर क्या है विवाद
इस डील का सबसे अहम हिस्सा ईरान का यूरेनियम स्टॉक है। Donald Trump ने हाल ही में कहा कि शायद वे ईरान के यूरेनियम स्टॉक को अमेरिका नहीं लाएंगे। हालांकि, Axios की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी वार्ताकार Steve Witkoff और Jared Kushner इस संभावना पर विचार कर रहे थे कि ईरान के हाईली एनरिच्ड यूरेनियम को अमेरिका शिफ्ट किया जाए। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने पहले ही साफ कर दिया था कि ईरान का यूरेनियम कहीं भी ट्रांसफर नहीं किया जाएगा। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने इन बातचीत को काफी तकनीकी और जटिल बताया है।
डील की मुख्य शर्तें और प्रभाव
प्रस्तावित समझौते में कई बड़ी शर्तें शामिल हैं। इसके तहत ईरान को कम से कम 12 साल तक यूरेनियम एनरिचमेंट रोकने का वादा करना होगा। साथ ही, ईरान को संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा की जाने वाली कड़ी जांच के लिए तैयार रहना होगा। इसके बदले में अमेरिका ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाएगा और Strait of Hormuz के जरिए शिपिंग को फिर से चालू किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, 2025 तक ईरान ने लगभग 11 टन एनरिच्ड यूरेनियम जमा कर लिया था, जिसकी निगरानी IAEA कर रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका और ईरान के बीच समझौते में पाकिस्तान की क्या भूमिका है
पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में एक मध्यस्थ (Mediator) के तौर पर काम कर रहा है ताकि दोनों देश विवाद खत्म कर सकें।
ईरान के यूरेनियम स्टॉक को लेकर क्या प्रस्ताव था
अमेरिकी वार्ताकारों ने विचार किया था कि ईरान के हाईली एनरिच्ड यूरेनियम को अमेरिका लाया जाए, लेकिन राष्ट्रपति Trump ने संकेत दिया है कि ऐसा शायद न हो।