अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के लिए ईरान के साथ चल रहा तनाव अब कानूनी मुश्किल खड़ा कर रहा है. एक पुराने कानून की वजह से उन्हें 60 दिनों के भीतर कांग्रेस से मंजूरी लेनी होगी, वरना सेना को वापस बुलाना पड़ेगा. इस डेडलाइन को लेकर अमेरिकी राजनीति और संसद में काफी गहमागहमी मची हुई है.

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60 दिन का यह नियम क्या है और Trump पर क्या असर पड़ेगा?

अमेरिका में War Powers Resolution नाम का एक कानून है. यह राष्ट्रपति को बिना कांग्रेस की मंजूरी के केवल 60 दिनों तक सैन्य कार्रवाई करने की इजाजत देता है. ईरान के खिलाफ कार्रवाई फरवरी 2026 के अंत में शुरू हुई थी, जिसका मतलब है कि अप्रैल के अंत या मई की शुरुआत तक इसकी समय सीमा खत्म हो जाएगी. अगर इस दौरान कांग्रेस ने युद्ध की मंजूरी नहीं दी, तो राष्ट्रपति को सेना हटानी होगी, हालांकि सेना निकालने के लिए 30 दिन का अतिरिक्त समय मिल सकता है.

अमेरिकी कांग्रेस और नेताओं का इस पर क्या कहना है?

संसद में डेमोक्रेट्स ने कई बार प्रस्ताव रखा कि सेना को ईरान से तुरंत हटाया जाए, लेकिन ये कोशिशें वोटिंग में फेल रहीं. वहीं कुछ रिपब्लिकन नेता चाहते हैं कि Trump को एक खास कानूनी अधिकार (AUMF) दिया जाए ताकि युद्ध को नियमों के साथ चलाया जा सके. Senator Roger Marshall ने यहाँ तक कहा कि अगर बातचीत नहीं बनी तो परमाणु हथियारों का इस्तेमाल भी सोचा जा सकता है. कुछ नेताओं ने Trump की आलोचना करते हुए कहा कि वह खुद को कानून से ऊपर समझ रहे हैं.

क्या युद्ध रुकेगा या तनाव और बढ़ेगा?

राष्ट्रपति Trump ने हाल ही में दो हफ्ते के लिए युद्धविराम (ceasefire) की अवधि बढ़ाई है. लेकिन दूसरी तरफ अमेरिका मिडिल ईस्ट में हजारों नए सैनिक भेज रहा है. Gulf of Oman और Strait of Hormuz जैसे इलाकों में अमेरिकी नौसेना और ईरान के बीच जहाजों को लेकर खींचतान बढ़ गई है. आम जनता में भी इस युद्ध को लेकर नाराजगी है, जिससे कांग्रेस पर कानून लागू करने का दबाव बढ़ रहा है.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.