अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध का खतरा बढ़ा, ट्रंप ने दिया आज रात तक का समय, ईरान के बिजली घरों पर हमले की चेतावनी.
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है और खाड़ी क्षेत्र में युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं। राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को मंगलवार रात 8 बजे तक का आखिरी समय दिया है। ट्रंप का कहना है कि अगर इस समय सीमा तक समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान के सभी बिजली घरों और पुलों को नष्ट करने के लिए हमले के आदेश दे देगा। इस बीच ईरान में कई जगहों पर हवाई हमले शुरू हो चुके हैं, जिससे स्थिति काफी गंभीर हो गई है।
ट्रंप की चेतावनी और ईरान की क्या है तैयारी?
- Trump ने साफ़ किया है कि ईरान को Strait of Hormuz खोलने और समझौते की शर्तों को मानना होगा, वरना एक पूरी सभ्यता को खत्म कर दिया जाएगा।
- ईरान के अधिकारियों ने अपने युवाओं से बिजली घरों के चारों ओर मानव श्रृंखला बनाने को कहा है ताकि उन्हें मिसाइल हमलों से सुरक्षा मिल सके।
- ईरान की IRGC ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने हमला किया, तो वे इस क्षेत्र से होने वाली तेल और गैस की सप्लाई को सालों तक रोक देंगे।
- ईरान ने 45 दिनों के अस्थायी युद्धविराम के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और वह सीधे तौर पर युद्ध को खत्म करने की मांग पर अड़ा है।
आज हुए हमले और ईरान की 10 प्रमुख मांगें क्या हैं?
ईरान ने अमेरिका के सामने अपनी 10 मांगें रखी हैं, जिनमें क्षेत्र में स्थायी शांति, प्रतिबंधों को हटाना और ईरान के पुनर्निर्माण में मदद करना शामिल है। अमेरिका ने ईरान के जवाबी प्रस्ताव को एक कदम आगे तो माना है, लेकिन इसे पर्याप्त नहीं बताया है। आज की स्थिति पर नज़र डालें तो हालात बिगड़ते दिख रहे हैं:
| घटना स्थल | नुकसान का विवरण |
|---|---|
| Kharg Island | अमेरिका ने ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र पर नए हमले किए हैं। | Israel ने ईरान के रेलवे और पुलों पर हमले की जिम्मेदारी ली है। |
| Iranian Province | हवाई हमलों में कम से कम 18 आम नागरिकों की जान जाने की खबर है। |
| Train Station | ईरान में एक रेलवे स्टेशन को हमलों में निशाना बनाया गया है। |
UN के महासचिव ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि नागरिक बुनियादी ढांचों पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। फिलहाल पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की जैसे देश समझौते के लिए मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि तेल की सप्लाई रुकने से महंगाई और यात्रा पर बड़ा असर पड़ सकता है।




