अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ चल रहे तनाव को लेकर बहुत कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ़ कर दिया है कि अमेरिका इस युद्ध को शांति से या फिर किसी और तरीके से खत्म करेगा। इसी दौरान अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth को भारी-भरकम सैन्य बजट को लेकर संसद में तीखे सवालों का सामना करना पड़ा।

Trump ने ईरान और China को लेकर क्या कहा?

राष्ट्रपति Donald Trump ने reporters से बात करते हुए कहा कि ईरान के साथ समझौता करने के लिए उन्हें China की कोई मदद नहीं चाहिए। यह बयान उन्होंने China के राष्ट्रपति Xi Jinping के साथ मीटिंग के लिए रवाना होने से पहले दिया। Trump ने दावा किया कि ईरान की नौसेना और वायुसेना पूरी तरह तबाह हो चुकी है। उन्होंने साफ़ कहा कि उनका सबसे बड़ा मकसद ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है। Trump के मुताबिक फिलहाल चल रहा युद्धविराम बहुत कमज़ोर है और यह कभी भी खत्म हो सकता है।

1.5 ट्रिलियन डॉलर का बजट और Pete Hegseth की चुनौती

रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने अमेरिकी संसद के सामने साल 2027 के लिए 1.5 ट्रिलियन डॉलर के सैन्य बजट का बचाव किया। यह बजट 2026 के मुकाबले लगभग 40 से 50 प्रतिशत ज़्यादा है, जिस पर सांसदों ने काफी आपत्ति जताई। Hegseth ने बताया कि ईरान के साथ युद्ध का खर्च अब बढ़कर 29 अरब डॉलर हो गया है। खास बात यह है कि पिछले दो हफ़्तों में ही इसमें 4 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। संसद में उनसे इस लड़ाई की मंजूरी और हथियारों की सप्लाई को लेकर सवाल पूछे गए, लेकिन उन्होंने कोई समय सीमा बताने से इनकार कर दिया।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Donald Trump ने ईरान के बारे में क्या दावा किया?

Trump ने कहा कि ईरान की नौसेना और वायुसेना खत्म हो चुकी है और उनका मुख्य लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।

अमेरिका का नया सैन्य बजट कितना है?

अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने साल 2027 के लिए 1.5 ट्रिलियन डॉलर के बजट की मांग की है, जो पिछले साल से 40-50 प्रतिशत अधिक है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.