अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ कर दिया है कि ईरान के साथ चल रही जंग अभी खत्म नहीं हुई है। इस बीच खाड़ी देशों में तनाव फिर बढ़ गया है क्योंकि ईरान और अमेरिका के बीच झड़पें तेज हो गई हैं। UAE में ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को रोका गया है और समुद्र में तेल टैंकरों पर हमले हुए हैं, जिससे पूरे इलाके में डर का माहौल है।
अमेरिका और ईरान के बीच क्या विवाद हुआ?
- टैंकरों पर हमला: अमेरिकी सेना ने M/T Sea Star III और M/T Sevda नाम के दो ईरानी तेल टैंकरों पर फायरिंग की। अमेरिका ने यह कदम इसलिए उठाया ताकि इन्हें ब्लॉकड के उल्लंघन में ईरानी पोर्ट पर रुकने से रोका जा सके।
- ईरान की चेतावनी: ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस कार्रवाई को हमला बताया है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने धमकी दी है कि अगर उनके टैंकरों पर हमला जारी रहा, तो वे मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों पर भारी हमला करेंगे।
- शांति योजना: President Trump ने कहा कि उन्हें ईरान से शांति योजना पर जवाब का इंतज़ार है, लेकिन अगर डील नहीं हुई तो वे ‘Project Freedom’ नाम का सैन्य अभियान फिर से शुरू कर देंगे।
- सैन्य राय: रिटायर्ड आर्मी कर्नल Seth Krummrich ने कहा कि अगर बातचीत फेल हुई तो अमेरिका ईरान के मिसाइल सिस्टम और नेवल एसेट्स को तबाह करने की कोशिश करेगा।
UAE और अन्य देशों पर क्या असर पड़ा?
- UAE में हमला: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने बताया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान से आई 2 बैलिस्टिक मिसाइलों और 3 ड्रोन को हवा में ही रोक लिया।
- ब्रिटेन की तैयारी: ब्रिटेन ने अपनी एक डिस्ट्रॉयर शिप HMS Dragon को वेस्ट एशिया भेजने का फैसला किया है ताकि समुद्र में जहाजों की सुरक्षा की जा सके।
- जंग का समय: यह विवाद अब 71 दिनों से चल रहा है। ब्राजील के राष्ट्रपति ने भी कहा कि दुनिया को लग रहा था जंग खत्म हो गई, लेकिन हकीकत कुछ और है।
- ईरान की आर्थिक हालत: CIA की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की अर्थव्यवस्था अभी इतनी मजबूत है कि वह अमेरिकी ब्लॉकड को अगले 3 से 4 महीने तक झेल सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UAE में ईरान ने क्या हमला किया?
ईरान की तरफ से 2 बैलिस्टिक मिसाइलें और 3 ड्रोन दागे गए थे, जिन्हें UAE के एयर डिफेंस सिस्टम ने सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया।
अमेरिकी सेना ने तेल टैंकरों पर हमला क्यों किया?
अमेरिकी सेना ने M/T Sea Star III और M/T Sevda टैंकरों पर फायरिंग की ताकि उन्हें अमेरिकी ब्लॉकड के नियमों को तोड़कर ईरानी पोर्ट पर रुकने से रोका जा सके।
