Trump का ईरान को अल्टीमेटम, 1 मई तक खत्म हो जाएगी समय सीमा, क्या अमेरिका जारी रखेगा युद्ध?

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब एक बड़े मोड़ पर पहुंच गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास सैन्य कार्रवाई जारी रखने के लिए 1 मई तक का समय है। अगर अमेरिकी कांग्रेस ने मंजूरी नहीं दी, तो ट्रंप को अपनी सेना वापस बुलानी पड़ सकती है। इस समय पूरी दुनिया की नज़रें वाशिंगटन और तेहरान पर टिकी हैं।

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1 मई की डेडलाइन क्या है और इसका क्या असर होगा?

अमेरिका के 1973 के वार पावर्स रेजोल्यूशन कानून के मुताबिक, राष्ट्रपति बिना कांग्रेस की मंजूरी के केवल 60 दिनों तक सेना को युद्ध में लगा सकते हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने 2 मार्च 2026 को ईरान के खिलाफ कार्रवाई की सूचना दी थी, जिसका समय 1 मई को पूरा हो रहा है। अब अगर ट्रंप को हमला जारी रखना है, तो उन्हें कांग्रेस से अनुमति लेनी होगी। कुछ रिपब्लिकन और डेमोक्रेट नेताओं ने साफ कर दिया है कि वे बिना मंजूरी के युद्ध को आगे बढ़ाने के समर्थन में नहीं हैं।

ईरान पर हमले की तैयारी और ट्रंप का क्या कहना है?

डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान की सैन्य ताकत लगभग खत्म हो चुकी है और उनका समुद्री नाकाबंदी का प्लान पूरी तरह सफल रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि वे परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेंगे। दूसरी ओर, अमेरिकी सैन्य अधिकारी होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरान के बुनियादी ढांचे और जहाजों पर हमला करने की योजना बना रहे हैं। यह कदम तब उठाया जाएगा जब मौजूदा युद्धविराम खत्म होगा।

दुनिया के अन्य देशों और संगठनों का क्या रुख है?

इस पूरे विवाद में इजराइल ने अमेरिका के साथ मिलकर हवाई हमले किए हैं, जबकि पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम में मदद की थी। संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी है कि आम नागरिकों और बुनियादी ढांचे पर हमले नहीं होने चाहिए। वहीं, गल्फ देशों, इराक और जॉर्डन जैसे इलाके इस तनाव की वजह से काफी प्रभावित हो रहे हैं।