अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए एक नई कोशिश शुरू हुई है। राष्ट्रपति Donald Trump ने अपनी नेशनल सिक्योरिटी टीम के साथ बैठक की है ताकि ईरान की तरफ से आए एक प्रस्ताव पर बात की जा सके। यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुँचा है, जिससे दुनिया भर की नजरें अब व्हाइट हाउस के फैसले पर टिकी हैं।

क्या है ईरान का प्रस्ताव और अमेरिका की क्या राय है?

ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि अगर अमेरिका अपना ब्लॉकेड हटा ले और युद्ध खत्म कर दे, तो वह Strait of Hormuz को फिर से खोल देगा। इस प्रस्ताव में परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा को बाद के लिए टाला गया है। हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा है कि ईरान इस बार गंभीर लग रहा है, लेकिन Strait of Hormuz को लेकर उनका प्रस्ताव अमेरिका की शर्तों पर खरा नहीं उतरता। अमेरिका चाहता है कि इस समुद्री रास्ते पर ईरान का कोई कंट्रोल न हो और न ही वह किसी से टोल वसूल करे।

ट्रंप प्रशासन की ‘रेड लाइन’ और मुख्य शर्तें क्या हैं?

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने कन्फर्म किया है कि राष्ट्रपति Trump ने अपनी टीम के साथ इस विषय पर चर्चा की है। उन्होंने साफ किया कि राष्ट्रपति की ‘रेड लाइन’ बहुत स्पष्ट है और अमेरिका अपनी बुनियादी मांगों से पीछे नहीं हटेगा। अमेरिका की मुख्य शर्तें इस प्रकार हैं:

  • Strait of Hormuz को पूरी तरह खुला रखा जाए ताकि व्यापार प्रभावित न हो।
  • ईरान अपने Enriched Uranium प्रोग्राम को पूरी तरह खत्म करे।
  • ईरान किसी भी हाल में परमाणु हथियार विकसित न कर पाए।

इस विवाद का दुनिया और आम लोगों पर क्या असर पड़ रहा है?

संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव Antonio Guterres ने इस संकट पर चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि इस युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में ईंधन, भोजन और ऊर्जा की सप्लाई पर बुरा असर पड़ रहा है, जिससे महंगाई बढ़ रही है। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने रूस, पाकिस्तान और ओमान का दौरा कर अपनी स्थिति स्पष्ट की है और रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin से भी मुलाकात कर समर्थन मांगा है।