अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ चल रहे सैन्य अभियान को धीरे-धीरे खत्म करने के संकेत दिए हैं। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका अपने लक्ष्यों को पूरा करने के काफी करीब पहुंच गया है और वह इस युद्ध को ‘वाइंडिंग डाउन’ यानी समेटने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, इस घोषणा के बीच व्हाइट हाउस ने 2,500 अतिरिक्त मरीन सैनिकों को इलाके में भेजने और युद्ध के लिए कांग्रेस से 200 अरब डॉलर के अतिरिक्त बजट की मांग की है।

ट्रंप के फैसले और युद्ध के नए उद्देश्य

राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social और पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि वह फिलहाल युद्धविराम के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जब आप विरोधियों को पूरी तरह पछाड़ रहे हों, तब सीजफायर नहीं किया जाता। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt के अनुसार, पेंटागन ने इस मिशन के लिए 4 से 6 हफ्ते का समय तय किया था। ट्रंप ने अब ‘मिडिल ईस्ट के सहयोगियों की सुरक्षा’ को युद्ध का एक और प्रमुख उद्देश्य घोषित कर दिया है।

खाड़ी देशों और तेल बाज़ार पर असर

ईरान में नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei के आने के बाद भी संघर्ष कम होता नहीं दिख रहा है। इज़राइल लगातार तेहरान और लेबनान के बेरूत में सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि Strait of Hormuz जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी अब उन अन्य देशों को लेनी चाहिए जो इसका उपयोग करते हैं। अमेरिका तेल की वैश्विक कीमतों को स्थिर रखने के लिए समुद्र में मौजूद ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों को हटाने पर भी विचार कर रहा है।

मुख्य विवरण ताज़ा अपडेट
अतिरिक्त सैनिक तैनाती 2,500 मरीन सैनिक
बजट की नई मांग 200 अरब डॉलर
ईरान में कुल मौतें 1,444 से अधिक
लेबनान में मौतें 1,000 से अधिक
मिशन की समयसीमा 4 से 6 हफ्ते का अनुमान
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.