Donald Trump का दावा, ईरान ने 8 महिलाओं की मौत की सजा रोकी, ईरान ने कहा यह सब ‘फेक न्यूज’ है

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान ने उनके सम्मान में 8 महिला प्रदर्शनकारियों की मौत की सजा नहीं देने का फैसला किया है. वहीं ईरान की सरकार ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया है और इसे ‘फेक न्यूज’ बताया है. इस दावे को लेकर दोनों देशों के बीच विवाद बढ़ गया है.

Donald Trump ने सोशल मीडिया पर क्या दावा किया?

Donald Trump ने 21 और 22 अप्रैल 2026 को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट किया. उन्होंने कहा कि ईरान ने उनके सम्मान में 8 महिलाओं की मौत की सजा रोकने का फैसला किया है. Trump के मुताबिक, इनमें से 4 महिलाओं को तुरंत छोड़ दिया जाएगा और 4 को एक महीने की जेल होगी. उन्होंने इस कदम को शांति बातचीत की एक अच्छी शुरुआत बताया और ईरान के नेताओं का शुक्रिया अदा किया.

ईरान की सरकार ने इस दावे पर क्या जवाब दिया?

ईरान की न्यायपालिका और उनकी खबर एजेंसी Mizan ने Trump के दावों को ‘फेक न्यूज’ करार दिया है. ईरान का कहना है कि जिन महिलाओं का जिक्र किया गया, उनमें से किसी को भी मौत की सजा का अंतिम फैसला नहीं सुनाया गया था. अधिकारियों ने Trump पर सोशल मीडिया की झूठी खबरों के आधार पर उपलब्धि जताने का आरोप लगाया. उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ महिलाएं पहले ही रिहा हो चुकी हैं और कुछ पर जेल की सजा के आरोप हैं, मौत की सजा के नहीं.

मानवाधिकार संगठनों ने क्या जानकारी दी है?

मानवाधिकार संगठनों ने इस मामले में अलग जानकारी दी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक Bita Hemmati उन महिलाओं में से एक थीं जिन्हें मौत की सजा सुनाई गई थी. Masih Alinejad ने जनवरी के प्रदर्शनों के दौरान पकड़ी गई 8 महिलाओं के नाम साझा किए थे. वहीं नॉर्वे स्थित Iran Human Rights संस्था ने बताया कि Golnaz Naraghi और Venus Hosseininejad मार्च के अंत से ही जमानत पर बाहर हैं.