Israel Lebanon War: इसराइल-लेबनान जंग पर Trump का बड़ा ऐलान, सीजफायर बढ़ा लेकिन लड़ाई जारी, ईरान को दी सख्त चेतावनी

इजराइल इस समय लेबनान और ईरान के साथ युद्ध लड़ रहा है, लेकिन जानकारों का मानना है कि इस लड़ाई का नतीजा इजराइली नेताओं के बजाय अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तय करेंगे। अमेरिका ने लेबनान के साथ युद्ध विराम (सीजफायर) को 14 मई 2026 तक बढ़ा दिया है। हालांकि, जमीन पर हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं और दोनों तरफ से गोलाबारी जारी है।

लेबनान में क्या है ताजा स्थिति और अपडेट?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइल और लेबनान के बीच सीजफायर को तीन हफ्ते के लिए बढ़ा दिया है। लेकिन हिजबुल्ला ने इस फैसले को बेकार बताया है और इसे मानने से साफ इनकार कर दिया है। इसी बीच दक्षिण लेबनान के अलग-अलग इलाकों जैसे बिंत जबेल और देइर अमास में इजराइली हमले हुए हैं। इन हमलों में एक पत्रकार अमल खलील की मौत हो गई और हिजबुल्ला के छह लड़ाके मारे गए। इजराइल ने देइर अमास के लोगों को इलाका खाली करने की चेतावनी भी दी है।

ईरान पर अमेरिका का सख्त रुख और नए आदेश

डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना को आदेश दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में माइन बिछाने वाली किसी भी नाव को देखते ही मार गिराया जाए। अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखी है और वहां एक और एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को तैनात किया है। ट्रंप ने साफ कहा है कि ईरान के पास समय कम है और अगर उसे अमेरिका के साथ कोई डील करनी है, तो हिजबुल्ला को पैसा देना बंद करना होगा। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी चेतावनी दी है कि ईरान के जहाजों को नष्ट कर दिया जाएगा।

शांति की उम्मीद और जानकारों की राय

राष्ट्रपति ट्रंप को उम्मीद है कि इस साल के अंत तक इजराइल और लेबनान के बीच शांति समझौता हो जाएगा। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शांति बातचीत के लिए पाकिस्तान जा सकते हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि लेबनान में पूरी तरह शांति तभी आएगी जब ईरान के साथ मामला सुलझेगा। कुछ जानकारों का यह भी मानना है कि अमेरिकी हमलों की वजह से ईरान के अंदर कट्टरपंथियों की ताकत बढ़ गई है।